मोड ब्राह्मण समाज में परिचय सम्मेलन
का आयोजन 13 अप्रैल को रतलाम में
-तैयारियों को लेकर 10 जिलों के प्रतिनिधियों की हुई बैठक
पेटलावद। नईदुनिया न्यूज
श्री मोड ब्राह्मण समाज रतलाम के बैनरतले समाज में जागरूकता लाने के लिए युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन 13 अप्रैल को रतलाम में होगा। इसमें मालवांचल के मंदसौर, पेटलावद, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, थांदला, शाजापुर, नीमच, नागदा, धार, आलीराजपुर के समाजजन सपरिवार शामिल होंगे।
मोड चतुर्वेदी ब्राह्मण समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन के बहाने हजारों समाजजन यहां जुटेंगे। इसके लिए रतलाम में आसपास के 10 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई। इसमें सुझाव के साथ रूपरेखा पर भी विचार हुआ। इसके तहत विभिन्ना प्रकार की समितियां बनाकर जवाबदारी सुपुर्द करने पर जोर दिया गया। समाज का प्रतिनिधिमंडल मोड ब्राह्मण समाज बहुल क्षेत्र में पहुंचकर सम्मेलन को लेकर चर्चा करेगा। समाज के सदस्यों तथा परिचय सम्मेलन में भाग लेने वाले युवक-युवती और उनके परिजनों की जानकारी से संबंधित स्मारिका का प्रकाशन भी होगा। इसके लिए प्रत्येक गांव के प्रतिनिधियों को जवाबदारी दी गई हैं। बैठक को झाबुआ से आए राकेश त्रिवेदी, प्रदीप भट्ट, राजेश शर्मा शाजापुर, मनोज जानी, यश रामावत, धर्मेंद्र द्विवेदी पेटलावद, मनीष भट्ट खवासा, भगवती प्रसाद भट्ट जावरा, पंडित दिलीप शर्मा ताल, सतीश पांडे उज्जैन, रवींद्र दवे मंदसौर ने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन के लिए आयोजन समिति बनाई गई, जिसमें विजयशंकर शर्मा, हरीश मोड, भवानी शंकर मोड, शरद शुक्ला, पवन भट्ट, आशीष दवे, शैलेंद्र मोड, अरविंद भट्ट, राजेश त्रिवेदी, लोकश भट्ट, आशीष पाठक, सुरेंद्र त्रिवेदी, राजेश शर्मा, सुमित मोड, सत्येद्र त्रिवेदी, पिंकेश भट्ट, सुधीर मोड, तरुण मोड, प्रवीण शर्मा, जितेंद्र कौशिक, शुभम भट्ट और रवींद्र उपाध्याय को शामिल किया गया है। संचालन रतलाम समाज के अध्यक्ष विजय शर्मा ने किया। आभार शरद शुक्ला ने माना।
17 जेएचए 05 - परिचय सम्मेलन को लेकर रतलाम में आयोजित बैठक में मौजूद मालवांचल के समाजजन।
....ठंड/जोड़....
अलाव की व्यवस्था नहीं
थांदला। दो दिन में मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से ही सर्द हवाओं के चलने व आसमान में बादल छाए रहने से पारा 16 से 11 डिग्री तक पहुंच गया है। नगर की जनता देर से निकलने वाली खिली-खिली धूप में नगर की हलचल व राजनीतिक गपशप करते हुए दिखाई दे रही है। वहीं ग्रामीण अंचल से आने वाले लोग भी शाल, कम्बल व गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आने लगे है। शाम को शीत लहर सर्दी से निजात पाने के लिए अलाव का सहारा लिया जा रहा है। प्रतिवर्ष नगर परिषद द्वारा सर्दी से बचने के लिए कई स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार अभी तक उनकी ओर से अलाव नहीं लगाए गए हैं।
17 जेएचए 08 - थांदला में शाम को शीत लहर से निजात पाने के लिए अलाव बना सहारा।