नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। जिले की एक महिला से समग्री आईडी बनाने के बदले पेटलावद जनपद कार्यालय के एक बाबू को 500 रुपये रिश्वत लेना महंगा पड़ गया। महिला द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त इंदौर कर दी गई थी। शिकायत के बाद बाबू को 500 रुपये रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ धर दबोचा। कसूरवार पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश झाबुआ द्वारा बाबू को चार वर्ष का सश्रम का कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया गया।
एडीपीओ सूरज बैरागी ने बताया कि 27 जून 2014 को अमरगढ़ निवासी रेशमा पति मंसूर अहमद ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी कि जनपद पंचायत पेटलावद के स्थापना शाखा बाबू रमेश वाद्य के द्वारा समग्र आईडी बनाने के लिए 500 रुपये रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलते ही लोकायुक्त टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई थी। रिश्वत लेने को लेकर फोन पर चर्चा की वॉइस रिकॉर्डिंग भी की गई। 28 जून को रेशमा को पेटलावद जनपद पंचायत बुलाया गया।
जैसे ही समग्र आईडी बनवाने को लेकर बाबू वाद्य को रिश्वत दी गई। वैसे ही लोकायुक्त टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पंचनामा कार्रवाई के बाद झाबुआ न्यायालय में मामला पेश किया गया। नौ अभियोजन साक्षीगण के कथन न्यायालय में करवाए गए।
विशेष न्यायाधीश राजेंद्र शर्मा द्वारा आरोपित रमेश वाद्य को कसूरवार मानते हुए उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में चार वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया गया। शासन की ओर से प्रकरण का संचालन जिला लोकअभियोजन अधिकारी महेश पटेल व राजेंद्रपालसिंह अलावा द्वारा किया गया।