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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतमाला परियोजना में राशि स्वीकृत कर प्रधानमंत्री ने दी बड़ी सौगात

केंद्र की मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना के तहत मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 823.12 करोड़...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Sat, 22 Jan 2022 08:06:15 PM (IST)Updated Date: Sat, 22 Jan 2022 08:06:15 PM (IST)
भारतमाला परियोजना में राशि स्वीकृत कर प्रधानमंत्री ने दी बड़ी सौगात

झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। केंद्र की मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना के तहत मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 823.12 करोड़ बजट की स्वीकृति दिए जाने पर रतलाम-झाबुआ के सांसद गुमानसिंह डामोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

संसद डामोर ने बताया कि केंद्र की महत्वपूर्ण भारतमाला परियोजना के तहत मध्य प्रदेश को 823.12 करोड़ के बजट स्वीकृत की गई है। भारतमाला प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में से एक है। इसके तहत मध्यप्रदेश में नेशनल हाई-वे 751 डीे सुहागडा से बदिया अमरा (उज्जैन गरोठ, पैकेज) के खंड को 4 लेन बनाने के लिए इस बजट की स्वीकृति दी गई है। भारतमाला परियोजना भारत की माला परियोजना के रूप में प्रसिद्ध है और भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित पहल है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की उत्पत्ति के तहत भारतमाला परियोजना देश के सड़क बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए एक छत्र परियोजना है। यह सभी मौजूदा सड़क परियोजनाओं को समाहित कर देगा।


50 राष्ट्रीय गलियारे प्रदान करेगी

सांसद डामोर ने कहा कि यह परियोजना भारत को 50 राष्ट्रीय गलियारे प्रदान करेगी। जो 70 से 80 प्रतिशत से अधिक वाहक के लिए बेहतर परिवहन प्रदान करेगा। स्वर्णिम चतुर्भुज में सुधार और उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारे केंद्र प्रायोजित परियोजना के प्रमुख एजेंडा हैं। भारतमाला परियोजना के पहले चरण में सड़क विकास की कुल लंबाई 34 हजार 800 किलोमीटर है। कुल में से आर्थिक गलियारों में 9 हजार किलोमीटर की अधिकतम हिस्सेदारी होगी। इंटर-कॉरिडोर और फीडर मार्गों की गणना लगभग 6 हजार किमी पर की जाती है और 5 हजार किमी राष्ट्रीय कॉरिडोर दक्षता कार्यक्रम के अंतर्गत आते हैं। डामोर के अनुसार परियोजना तटीय और बंदरगाह कनेक्टिविटी सड़कों के लिए लगभग 2 हजार किमी अलग रखने के लिए भी तैयार है। लगभग 800 किमी का एक्सप्रेसवे और विशाल 10,000 किमी एनएचडीपी सड़कों के अंतर्गत आएगा। इन राजमार्गों के विकास से वाहनों की औसत गति में 18 प्रतिशत की वृद्धि और परिवहन की श्रृंखला लागत में 6 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आने की आशा है।

बड़ी परियोजना को मंजूरी दी थी

डामोर के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी थी और 6.92 लाख करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया था। जिसमें से भारतमाला परियोजना ने 5.35 लाख करोड़ रुपये साझा किए। इस परियोजना से लाखों रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। केवल सड़क निर्माण प्रक्रिया से 100 मिलियन व्यक्ति-दिवस के काम की उम्मीद की गई थी। केवल देश में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण अन्य 22 मिलियन नौकरियों का पालन किया जाना था।

महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

सांसद डामोर ने बताया कि भारतमाला परियोजना का लाभ प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह तो करेगा ही। इसके साथ लाखों श्रम दिवस सृजित होने के चलते रोजगार की बहुत बड़ी समस्या का निदान हो सकेगा।