
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। जिला मुख्यालय से महज छह किमी दूर स्थित प्राथमिक शाला महुड़ी फलिया नवागांव परिसर में लगा इकलौता हैंडपंप तीन माह से बंद पड़ा है। पहले ग्रामीण परेशान हो रहे थे, लेकिन अब नवीन सत्र शुरू होने के बाद स्कूली बच्चे भी पानी के लिए तरस रहे हैं। दिक्कत यह है कि उक्त पुराने हैंडपंप में राइजर पाइप डालने की जरूरत है। यह कार्य ही नहीं हो पा रहा है। अप्रैल से ही समस्या जारी है। अब तो विद्यालय प्रबंधन की शिकायत भी अनसुनी की जाने लगी है।
पहले भी यह हैंडपंप खराब होता रहा है, जिसे लगातार गुहार लगाने के बाद सुधारा जाता था। इस साल अप्रैल माह में वापस बंद हुआ तो अब सुधारा ही नहीं जा रहा है। शाला में कक्षा पहली से पांचवीं तक 180 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनके मामले में जिला मुख्यालय से सटी शाला में ही संवेदनशीलता का अभाव तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
शाला के 180 बच्चे पेयजल के लिए हर रोज परेशान होते हैं। इसके अलावा शाला के नजदीक करीब 50 ग्रामीण रहते हैं, वे भी इसी स्थल से पेयजल लेते थे मगर अब वे भी जुगाड़ करके इधर-उधर से हर रोज पानी लाकर अपनी व्यवस्था कर रहे हैं। उधर, बच्चों के लिए रसोइया पानी लेकर आती है। प्यास लगने पर बच्चों को उनके आने का इंतजार करना पड़ता है।
अधिकारी शिकायत के बाद देखने आए थे। झाबुआ से आए सरकारी लोगों ने कहा था कि पाइप डालने पड़ेंगे। उसके बाद कोई नहीं आया। - मांगलिया डामोर, ग्रामीण
तीन माह से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शिकायत करके थक चुके हैं। - सक्रिया डामोर, ग्रामीण
प्यास लगने पर विद्यार्थी परेशान होते हैं। पेयजल की व्यवस्था तो सुचारू होना ही चाहिए। - राजेश पुत्र कमेश सिंगाड़िया, विद्यार्थी
समस्या को दिखवाया जा रहा है। जल्द व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, जिससे बच्चों को परेशान न होना पड़े। - दिनेश जैन, उप यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE)