झाबुआ-मेघनगर मार्ग पर फिर पलटा ट्रक, प्रशासन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल, ग्रामीणों ने दी चेतावनी
अंतरवेलिया के पास निर्माणाधीन सड़क पर प्रशासनिक एवं विभागीय लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। झाबुआ से मेघनगर जा रहा खाद्यान्न से भरा एक भारी...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 30 Aug 2026 07:17:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 30 Aug 2026 07:17:19 PM (IST)
झाबुआ-मेघनगर मार्ग पर पलटा ट्रक। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- खाद्यान्न से भरा एक भारी ट्रक सड़क पर गड्ढों के कारण अचानक पलट गया
- गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई
- महज एक दिन पहले खस्ताहाल मार्ग और गड्ढों को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। अंतरवेलिया के पास निर्माणाधीन सड़क पर प्रशासनिक एवं विभागीय लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। झाबुआ से मेघनगर जा रहा खाद्यान्न से भरा एक भारी ट्रक सड़क पर गड्ढों के कारण अचानक पलट गया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया।
खस्ताहाल मार्ग और गड्ढों को लेकर एक दिन पहले किया था प्रदर्शन
महज एक दिन पहले शुक्रवार को इस खस्ताहाल मार्ग और गड्ढों को लेकर भाजपा नेता सोनू रामपाल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। रामपाल ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन और संबंधित विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में तुरंत पैचवर्क करवाया जाए, अन्यथा कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों और चालकों में भारी रोष व्याप्त है
बावजूद इसके, प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, जिसका परिणाम आज इस ट्रक पलटने के रूप में सामने आया। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिकों और चालकों में भारी रोष व्याप्त है, जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का सबब बन सकता है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय रहवासियों और ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते कभी भी कोई भीषण हादसा हो सकता है। प्रशासनिक अधिकारी और जिम्मेदार समय पर नहीं चेते तो किसी भी गंभीर हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हादसों के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही है। लगता है कि वे किसी बड़े और गंभीर हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शीघ्र ही यहां की समस्याओं को हल नहीं किया गया तो ग्रामीणों को बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।