
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। थांदला तहसील की ग्राम पंचायत कोटडा में गरीबों के हक का गेहूं गोदाम में ही खराब हो रहा है। एक तरफ प्रदेश सरकार गरीब परिवारों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से दो महीने का राशन एक साथ उपलब्ध करा रही है, दूसरी ओर कोटडा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में रखा तीन क्विंटल गेहूं बोरियों में नमी के कारण अंकुरित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान में खाद्यान्न का लंबे समय तक सुरक्षित भंडारण न किए जाने और समय पर देखरेख व सफाई नहीं होने से यह बदतर स्थिति बनी है।
कई बोरियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे गेहूं जमीन पर बिखर गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी अनाज का इसी तरह रखरखाव होता रहा, तो बड़ी मात्रा में खाद्यान्न पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। राशन की समय पर उपलब्धता और उसकी खराब गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही नाराजगी थी, और अब इस ताजा घटना ने उनके गुस्से को और बढ़ा दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कोटडा की शासकीय उचित मूल्य दुकान का तत्काल औचक निरीक्षण करने, कुल स्टॉक की जांच करने और गेहूं की गुणवत्ता का आकलन करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
जिला खाद्य अधिकारी आनंद कुमार चंगोड़ ने बताया कि उन्हें खाद्यान्न खराब होने की जानकारी मिल चुकी है। हालांकि, मौके पर टीम भेजी है। छत रिस रही है और दुकान की खिड़की भी खुली थी। इससे पानी के कारण अनाज अंकुरित हुआ है। जांच के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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