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राजा नल की नगरी नरवर में कागजों में चल रही मिट्टी परीक्षण लैब, फाइलों में हो रहा लाखों का भुगतान

राजा नल की नगरी नरवर में किसानों के लिए बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पिछले तीन साल से सिर्फ एक कहावत को सच कर रही है, अंधेर नगरी चौपट राजा।

By Devendra SamadhiyaEdited By: manoj dubey
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 08:20:15 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 08:23:02 PM (IST)
राजा नल की नगरी नरवर में कागजों में चल रही मिट्टी परीक्षण लैब, फाइलों में हो रहा लाखों का भुगतान
प्रतीकात्मक फोटो।

HighLights

  1. लैब को कागजों में 'उत्तम' लिखकर क्लीन चिट दे दी
  2. तत्कालीन उपसंचालक बदले पर हालात और बिगड़ गए
  3. एक व्यक्ति को कागजों पर लैब टेक्नीशियन बना दिया

नईदुनिया न्यूज, नरवर। राजा नल की नगरी नरवर में किसानों के लिए बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पिछले तीन साल से सिर्फ एक कहावत को सच कर रही है, अंधेर नगरी चौपट राजा। इमारत के मुख्य गेट पर जंग खाया ताला लटका है। अंदर कुर्सी तक नहीं है, खिड़कियों से झांकने पर सिर्फ धूल और जर्जर दीवारें दिखती हैं।

लेकिन सरकारी फाइलों में यही बंद पड़ी लैब रोज नए सैंपल टेस्ट कर रही है और लाखों रुपये का बजट डकार रही है। शिकायत के बाद तत्कालीन उपसंचालक पान सिंह काकोरिया जांच के लिए नरवर आए तो लैब की चौखट तक नहीं गए।


लैब को कागजों में 'उत्तम' लिखकर क्लीन चिट दे दी

तत्कालीन उपसंचालक पान सिंह काकोरिया सीधे घोटाले की आरोपी निजी संस्था ’जय बगीचा सरकार फार्मर प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड छितरी के प्रबंधक के घर पहुंच गए। वहां शकल, माला, नारियल से उनका शाही स्वागत हुआ और साहब ने टेबल पर बैठकर ही बंद लैब को कागजों में ‘उत्तम लिखकर क्लीन चिट दे दी।

साहब बदले लेकिन सिस्टम नहीं बदला

उपसंचालक बदले पर हालात और बिगड़ गए। पहले 5000 रुपये बकाया पर बिजली कटी थी और बिना बिजली ही 1600 सैंपल दिखाकर 4 लाख निकाल लिए गए थे। आज बिजली है पर मशीन और उपकरण आज भी सिर्फ कागजों पर हैं। धरातल पर कुछ नहीं। अब फर्जी सैंपलिंग का आंकड़ा 1600 से कई गुना बढ़ चुका है और भुगतान लगातार हो रहा है।

एक व्यक्ति को कागजों पर लैब टेक्नीशियन बना दिया

सबसे बड़ा धोखा नरवर के युवाओं से हुआ है। स्थानीय कृषि स्नातकों को रोजगार देने के नियम को ताक पर रखकर 50 किलोमीटर दूर के एक व्यक्ति को कागजों पर लैब टेक्नीशियन बना दिया गया है, जिसे आज तक नरवर के किसानों ने देखा तक नहीं।

जब 4 लाख का घोटाला उजागर हुआ था, तो लगा था दोषी जेल जाएंगे। पर जांच अधिकारी तो आरोपियों के घर शाल-माला पहनने चले गए। अब हमने कृषि मंत्री से भोपाल की स्वतंत्र टीम से जांच की मांग की है।

-सगीर खान पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष, नरवर

मुझे कागजों में चल रही मिट्टी परीक्षण लैब केबारे में आपके माध्यम से पता चला है। मैं निरीक्षण करवा कर उचित कार्रवाई करूंगा।

-उमेश शाक्य, उपसंचालक कृषि

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