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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जूते-चप्पलों की रखवाली कर जोड़े 50 लाख, फिर गौशाला के लिए दिए दान

फूलमती ने अपनी संपत्ति बेच कर मंदिर को दान कर दी। वह बांके बिहारी मंदिर के पास गौशाला का निर्माण करा रही है।

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Publish Date: Thu, 01 Jun 2017 01:50:37 AM (IST)Updated Date: Thu, 01 Jun 2017 02:17:04 PM (IST)
जूते-चप्पलों की रखवाली कर जोड़े 50 लाख, फिर गौशाला के लिए दिए दान

कटनी। कटनी शहर की वृद्ध महिला ने सकारात्मक सोच की मिसाल कायम की है। पति, पुत्र-पुत्री की मौत होने के महिला ने भगवान को अपनी जिंदगी का सहारा बनाया। कटनी छोड़ वृंदावन को अपनी कर्म स्थली बनाई। कटनी की हीरागंज निवासी फूलमती बाई ने पिछले 40 वर्षों पहले कटनी छोड़ा था।

वृंदावन में मंदिरों के बाहर लोगों के जूते चप्पल की रखवाली करने वाली यशोदा ने अपनी कमाई से गौशाला बनाने के लिए दान करने का फैसला किया है। वृंदावन धाम में हर दिन लाखों लोग पहुंचते हैं।

कटनी निवासी फूलमती बाहर दर्शनार्थियों के जूतों की रखवाली करती है। इसके बाद मिलने वाले पारिश्रमिक को फूलमती ने जोड़ कर रखा। इससे उसने 50 लाख एकत्रित किए।

यह भी कहा जा रहा है कि फूलमती ने अपनी संपत्ति बेच कर मंदिर को दान कर दी। वह बांके बिहारी मंदिर के पास गौशाला का निर्माण करा रही है। फूलमति की इच्छा है कि बरसाना के राधा रानी मंदिर के समीप भी एक गौशाला का निर्माण करा दे।


दानी स्वाभाव की फूलमति आश्रम के निर्माण में दान कर चुकी है। साथ रहने वाली महिलाओं ने बताया कि फूल मती बाई का स्वाभाव दूसरों की सेवा का है। वह दूसरों के हितों का ख्याल रखती है।

फूलमती बाई ने अपने मकान अपना सभी कुछ भगवान के चरणों में न्योछावर कर दिया है। कटनी के मकानों को बेचकर फूलमती बाई गोसेवा में लगी है। इसके अलावा इनकी इच्छा अभी और कुछ करने की है। इसमें राधा रानी मंदिर के समीप गौशाला बनवाना है।