
कटनी, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे स्टेशन के पास बनी मंदिर की दीवार तोड़ने कार्यकर्ता पहुंचे। कोतवाली थाना प्रभारी अजय बहादुर सिंह ने बताया कि विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दीवार में 2 से 3 फीट का होल कार्यकर्ताओं ने बना दिया था। जानकारी मिलते ही जीआरपी, कोतवाली पुलिस, थाना प्रभारी अजय बहादुर सिंह, एडिशनल एसपी मनोज केडिया सहित रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों की समझाइश के बाद माने कार्यकर्ता : अधिकारियों की समझाइश के बाद विहिप सहित हिंदूवादी संगठनों के लोग मान गए। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत में यह सहमति बनी है की दीवार यदि नहीं तोड़ी जाती है तो रेलवे द्वारा वैधानिक रूप से गेट बनाकर पूजा के लिए दिया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ता मान गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी किसी पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
जय जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे कार्यकर्ता : दीवार तोड़ते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे। दीवार तोड़ने के लिए पहुंचे कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में थे।
इससे पहले 30 मार्च को विहिप ने किया था प्रदर्शन : हिंदू परिषद के युवाओं ने हनुमान मंदिर के पास बने दीवार को लेकर प्रदर्शन किया. विहिप के युवाओं का कहना है कि मंदिर के सामने रेलवे प्रशासन ने जो दीवार बनाए हैं, उससे मंदिर का प्रवेश द्वार पूरी तरह से बंद हो गया है। इसी को लेकर मुख्य रेलवे स्टेशन के बाहर विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। दीवार में लगे शिलान्यास के पत्थर को कार्यकर्ताओं ने तोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ता इंद्र मिश्रा ने रेल प्रशासन की दबंगई से नाराज होकर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। इसके बाद घायल कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि मंदिर में पूजन न कर पाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।