
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित उनके करीबी क्षितिज राज को जिला न्यायालय से राहत नहीं मिली है। दोपहर से लेकर शाम तक जिला न्यायालय में विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में चली बहस के बाद शाम न्यायालय ने दोनों की अग्रिम जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया।
20 अगस्त को सीएसपी नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ हत्या के आरोपितों की करोड़ों की जमीन को सस्ते में खरीदी फरोख्त कराने, भ्रष्टाचार और हत्या जैसे मामले में डिफाल्ट बेल का लाभ दिलाने का आरोप लगाते हुए कुठला थाना में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।
जिस समय एफआईआर दर्ज हुई सीएसपी भोपाल पुलिस मुख्यालय में चार दिनों की ट्रेनिंग में थीं। सूचना मिलते ही वे ट्रेनिंग बीच में छोड़कर निकल गई थीं और उसके बाद से दो अन्य आरोपितों के साथ भूमिगत हो गई हैं।
22 अगस्त को निलंबित सीएसपी व क्षितिज राज की ओर से उनके अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दिया था। जिसमें मंगलवार को तीन घंटे से अधिक समय तक सुनवाई हुई थी और उसके बाद विशेष न्यायालय ने मामले की सुनवाई शनिवार तक को टाल दी थी।
शनिवार को अर्जी पर सुनवाई को लेकर सुबह से न्यायालय के फैसले पर लोगों की नजर रही। अग्रिम जमानत को लेकर सीएसपी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय में पक्ष रखा और महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए। विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद शाम को दोनों की अर्जी नामंजूर कर दी।
मामले की जांच एएसपी अंजना तिवारी की अगुवाई में आईजी की बनाई गई एसआइटी कर रही है और आरोपितों की धरपकड़ के साथ ही पूरे मामले की जांच कर दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अपने ही विभाग के अधिकारी की धरपकड़ को लेकर शिकंजा कस रही है।
सीएसपी कार्यालय को अपराध पंजीबद्ध होने के बाद ही 21 अगस्त को सील कर दिया गया था, जो आज तक बंद है। उसके साथ ही तीनों आरोपित विदेश ने भागें, इसको लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है तो उसके साथ ही पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले में तीनों आरोपितों पर दस हजार रूपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।
सीएसपी व दाे अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस की टीम लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक तीनों का कोई सुराग नहीं लगा है। गुरूवार को एसआइटी व कुठला पुलिस की टीम ने मारूफ अहमद के निवास पर दबिश दी थी, जिसमें ताला बंद मिला और पंचनामा बनाते हुए टीम वापस लौट गई थी। तीनों की धरपकड़ के लिए सायबर सेल की टीम को भी लगाया गया है और उनकी लोकेशन खोजी जा रही है, लेकिन सीएसपी की अंतिम लोकेशन भोपाल तक ही मिली है।
मामले की जांच एसआइटी कर रही है। निलंबित सीएसपी सहित अन्य आरोपितों पर दस हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है। तीनों की तलाश पुलिस कर रही है और उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
अभिनय विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक
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