
नईदुनिया कटनी(Katni Crime)। कटनी में जीआरपी थाना प्रभारी अरुणा वाहने व पुलिस कर्मियों के महिला व किशोर की बेदम पिटाई मामले का इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहे करीब 10 माह पुराने एक वीडियो से मध्य प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। कटनी में महिला और किशोर के साथ जीआरपी थाने में हुई मारपीट के मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। मध्य प्रदेश के डीजीपी को लिखे पत्र में निर्देशित किया है कि वह मामले की जांच कर रिपोर्ट तीन दिन में प्रस्तुत करें। जिम्मेदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिए हैं।
वीडियो में कटनी जीआरपी की थाना प्रभारी अरुणा वाहने और अन्य पुलिसकर्मी एक महिला और उसके नाती की डंडे से पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गंभीरता से लेते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके बाद थानाप्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

कटनी के रंगनाथ नगर थाने में लगभग चार घंटे तक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी समेत अन्य मारपीट के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर एफआआर की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे। एएसपी संतोष डेहरिया के मुताबिक गुरुवार रात साढ़े दस बजे रंगनाथ नगर थाना पुलिस ने महिला कुसुम वंशकार की शिकायत पर मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर शून्य पर मामला दर्ज कर डायरी को जीआरपी थाना भेज दिया है।


कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश सरकार को घेरते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किए जाने की मांग की है। कटनी जिले के झर्राटिकुरिया निवासी 53 वर्षीय कुसुम वंशकार और उनके 16 वर्षीय नाती को अक्टूबर 2023 में कटनी जीआरपी थाने में लेकर आई थी।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी व अन्य कांग्रेस पदाधिकारी शाम को पीड़ित परिवार से मिलने कटनी पहुंचे। जिसके चलते जीआरपी थाना में सुरक्षा को लेकर जबलपुर से अतिरिक्त बल बुलाया गया। वहीं महिला के घर के पास भी स्थानीय पुलिस को तैनात किया गया।

बताया गया कि कुसुम के जिला बदर स्वजन दीपक वंशकार के विरुद्ध जीआरपी थाने में 19 अपराध दर्ज हैं। चोरी के एक मामले में फरार होने पर उसके खिलाफ 10 हजार का इनाम भी घोषित है। उसकी जानकारी हासिल करने के लिए जीआरपी कुसुम व उनके नाती को पूछताछ के लिए थाने लाई थी। थानाप्रभारी ने अपने चेंबर में दोनों को बंद कर डंडे से उनकी पिटाई की। थानाप्रभारी के साथ ही कुछ पुलिसकर्मी भी दोनों को पीटते वीडियो में नजर आ रहे हैं।

बुधवार को वीडियो बहुप्रसारित होने पर पुलिस अधीक्षक रेलवे ने थानाप्रभारी को हटाकर जांच शुरू करा दी। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए डीआइजी रेल को जांच के लिए मौके पर जाने के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच के आधार पर तत्कालीन थानाप्रभारी अरुणा वाहने, हेड कांस्टेबल अजय श्रीवास्तव और चार कांस्टेबल वर्षा दुबे, ओमकार सिरसाम, सोहेब अब्बासी एवं सलमान खान को निलंबित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में इस तरह के कदाचार की पुनरावृत्ति नहीं होने पाए। वहीं, इस पूरे मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

गुरुवार को वह कांग्रेसियों के साथ प्रकरण से जुड़े पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर कटनी जीआरपी थाने पहुंचे। कांग्रेसियों ने अपनी ओर से शिकायती पत्र देकर एफआइआर दर्ज किए जाने की मांग की।
इस पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस पर पलटवार किया। कहा कि अक्टूबर 2023 के वीडियो से अगस्त 2024 में अपनी टूटी-फूटी राजनीति चमकाने का कांग्रेसी असफल प्रयास कर रहे हैं। अपराध में जाति, रंग ढूंढना और समाज में विद्वेष फैलाना कांग्रेस की राजनीति है।
कटनी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी व प्रदेश कांग्रेस मीडिया के अध्यक्ष मुकेश नायक आज कटनी प्रवास पर रहेंगे। पटवारी और नायक भोपाल से सड़क मार्ग से कटनी पहुंचेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। जीआरपी थाना प्रभारी व पुलिस कर्मियों के झर्रा टिकुरिया निवासी महिला व उसके नाती की बेरहमी से पिटाई के वीडियो के मामले में राजनीतिक सियासत गरमाने लगी है।
मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट किया था और उसके बाद बवाल मच गया। रेल पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी को हटाते हुए उप पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच सौंप दी थी। वहीं मामले में यह भी सफाई दी गई कि महिला व उसके नाती के खिलाफ चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
मध्य प्रदेश के कटनी में जीआरपी पुलिस द्वारा एक दलित बच्चे और महिला को बेरहमी से पीटने की घटना बताती है कि मध्य प्रदेश में दलितों का जीवन सुरक्षित नहीं है। रक्षक ही उनके भक्षक बनते जा रहे हैं।
सीएम साहब! कब रुकेगा दलितों पर अत्याचार।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) August 28, 2024
मामले को लेकर पीसीसी चीफ के एक्स पोस्ट पर रेल एसपी शिमला प्रसाद ने जवाब दिया है। इसमें उनका कहना है कि वीडियो अक्टूबर 2023 का है। वीडियो में जो युवक है उसके खिलाफ 19 मामले दर्ज हें और वह निगरानीशुदा बदमाश है। युवक पर पिछले साल फरार होने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसपी रेल ने लिखा है कि अप्रैल माह में जिलाबदर का आदेश जारी किया गया था। तथ्य सामने आने बाद थाना प्रभारी जीआरपी को हटाया गया है और पूरे मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।