
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : खंडवा से तुकाईथड़ के बीच नई रेल लाइन तैयार होने और रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की मंजूरी मिलने के करीब ढाई साल बाद अब पहली बार यात्री ट्रेन का संचालन एक दिन के लिए ट्रायल के रूप में किया जा रहा है।
दक्षिण मध्य रेलवे ने नांदेड़ से लोगों की मांग पर तुकाईथड़ के बीच एक फेरा विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ट्रेन 18 अक्टूबर को खंडवा होते हुए तुकाईथड़ पहुंचेगी। हालांकि, इस विशेष ट्रेन के संचालन के बाद भी इस रेलखंड पर नियमित यात्री सेवा शुरू होने को लेकर संशय बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह खंडवा-अमलाखुर्द-तुकाईथड़ रेलखंड का विद्युतीकरण नहीं होना है।
खंडवा-अकोला ब्राडगेज परिवर्तन परियोजना के तहत खंडवा से तुकाईथड़ के बीच मार्च 2024 में पटरियां बिछाने का काम पूरा हो गया था। इसके बाद रेल सुरक्षा आयुक्त और रेलवे के अधिकारियों ने निरीक्षण कर रेलमार्ग को परिचालन के लिए फिट घोषित किया था।
इसके बावजूद लंबे समय तक इस ट्रैक पर यात्री ट्रेन शुरू नहीं हो सकी। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए रेलमार्ग का उपयोग नहीं होने से क्षेत्र के यात्रियों को भी इसका लाभ नहीं मिल पाया। खंडवा से अकोला के बीच मीटरगेज ट्रेन 21 दिसंबर 2016 को गेज परिवर्तन के लिए बंद कर दी गई थी।
रेलवे मामलों से जुड़े मनोज सोनी ने विद्युतीकरण में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मार्च 2024 में सीआरएस के समय ही विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाता तो खंडवा-सनावद मेमू ट्रेन का विस्तार तुकाईथड़ तक किया जा सकता था। इस परियोजना के अंतर्गत खंडवा-सनावद और बालवाड़ा के बीच पश्चिम रेलवे ट्रैक के साथ विद्युतीकरण के लिए पोल भी लगाए गए हैं, लेकिन दक्षिण मध्य रेलवे के हिस्से में काम पूरा नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।
खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन शुरू करने का मुद्दा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड और दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के समक्ष उठाया था। इसके बाद विशेष ट्रेन चलाने की पहल हुई है। वहीं क्षेत्रवासी और सामाजिक संस्थाएं लंबे समय से जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से इस रूट पर पुन: रेल सेवा शुरू करने की मांग कर रहे है।
ट्रेन खंडवा से तुकाईथड़ के बीच डीजल इंजन के सहारे चलेगी। अब देखना होगा कि इस विशेष सेवा के बाद रेलवे नियमित यात्री ट्रेन शुरू करने और विद्युतीकरण का काम पूरा करने की दिशा में कितनी तत्पयर्ता दिखाता है, या करीब दस साल से ट्रेन शुरू होने की राह देख रहे लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा।