
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। नाले पर रखे पाइप तोड़े जाने के बाद से कॉलोनी के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। यहां पुलिया का निर्माण नगर निगम की पूर्व परिषद ने कराया था, फिर इसे अवैध बताकर कैसे तोड़ा जा रहा है। यदि एक सप्ताह में पुलिया का निर्माण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
कुछ इसी तरह की चेतावनी मंगलवार को जनसुनवाई में खानशाहवली वार्ड की गुलशननगर कॉलोनी से आए रहवासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और एडीएम काशीराम बड़ोले को दी। क्षेत्र के पार्षद शब्बीर कादरी ने रहवासियों के साथ कलेक्टर के नाम आवेदन दिया। इस आवेदन में उल्लेख किया गया कि कॉलोनी के सार्वजनिक मार्ग एवं नाले की पुलिया निर्माण कर पुनः बहाल किया जाए। कॉलोनी में नगर निगम द्वारा नाले की पक्की पुलिया तोड़ दिया गया है। इससे हमारी कॉलोनी का एकमात्र चौड़ा सार्वजनिक रास्ता बंद हो गया है।
यह कॉलोनी का एकमात्र ऐसा रास्ता था जहां से एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, कचरा गाड़ी, ऑटो एवं अन्य बड़े वाहन आ-जा सकते थे। रास्ता बंद होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अत्यधिक कठिनाई होगी, जबकि इसी दिशा में कई अस्पताल स्थित है। कॉलोनी के बच्चे इसी मार्ग से स्कूल जाते थे। रास्ता बंद होने से उनकी सुरक्षा और सुविधा प्रभावित हुई है। आवेदन में उल्लेख किया गया कि हमारी मांग केवल एक सार्वजनिक रास्ते की है ताकि सभी निवासी सुरक्षित और सम्मानपूर्वक आवागमन कर सकें। हम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। हमारी केवल यह मांग है कि कॉलोनी के साथ भी वही समान व्यवहार किया जाए जो अन्य कॉलोनियों के साथ किया गया है।
जनसुनवाई के दौरान एक तरफ पार्षद शब्बीर कादरी लोगों को लेकर आए तो दूसरी ओर पूर्व पार्षद आसिम पटेल के साथ भी लोग पहुंचे।पार्षद और पूर्व पार्षद में वर्चस्व दिखाने की होड़ नजर आई।कादरी ने कहा कि मेरे साथ पूरे वार्ड की जनता आई है।वहीं पटेल ने कहा कि मैंने अपने कार्यकाल में नाले की पुलिया बनवाई थी, उस समय तात्कालीन महापौर सुभाष कोठारी थे।ऐसे में पुलिया अवैध कैसे हो सकती है।कुल मिलाकर दोनों ही पक्षों के लोग एक ही समस्या लेकर यहां पहुंचे थे।इस दौरान नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने भी एडीएम को आवेदन देने के दौरान खरी-खरी सुनाई।
जनसुनवाई में आवेदक संदीपकुमार राठी वार्ड क्रमांक 43 में फ्लैट नंबर पांच, फर्स्ट फ्लोर झंवर बिल्डिंग ने 11वीं बार शिकायत की।इस बार भी उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।आवेदक ने तरुण झंवर, धर्मेंद्र झंवर और प्रमोद झंवर के विरुद्ध शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि इन्होंने भवन निर्माण अनुमति के विपरीत किया।प्रकोष्ठ की अनुमति लिए बिना निर्माण कार्य करने एवं धोखाधड़ी पूर्वक फ्लेट विक्रय किया।इस संबंध में प्रस्तुत शिकायत की जांच के लिए गठित निगम की जांच समिति ने अपने प्रतिवेदन में भवन स्वामी द्वारा स्वीकृत भवन नक्शे के विपरीत निर्माण बताया है।आवासीय भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के बाद भवन को फ्लैटों में परिवर्तित कर विक्रय होना, भवन के भूतल पर व्यवसायिक उपयोग, पार्किंग, वर्षा जल संचयन प्रणाली (रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) एवं एन्य अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं होना बताया गया है।बावजूद इसके इस संबंध में कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्राम जामली खुर्द के ग्रामीणों द्वारा जनसुनवाई में आवेदन दिया गया कि गांव की शासकीय स्कूल में शिक्षक नारायण साली वर्ष 2022 में पदस्थ हुए थे लेकिन उस दिन से आज तक एक दिन भी स्कूल नहीं आए हैं।दो अतिथि शिक्षक ही हैं।माध्यमिक शाला में बच्चों की संख्या अधिक है।इससे बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है।प्रशासन से मांग है कि यहां पदस्थ शिक्षक को शाला में भेजा जाए।
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