
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। अवैध रूप से मकान का निर्माण नहीं कर सकते। तुम्हारे पास अनुमति के कोई दस्तावेज नहीं है। मकान की दीवारें कैसे नहीं गिरेगी तेरी जबर्दस्ती है क्या। अभी बुलडोजर चलवा दूंगा। जो पहले के निर्माण हैं, उनकी बात नहीं कर रहे हैं। नया निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। कुछ इसी तरह के तेवर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने शुक्रवार को खानशाहवली वार्ड में दिखाए। यहां नगर निगम के अतिक्रमण विरेाधी दस्ते के साथ सिटी मजिस्ट्रेट बहादुर और प्रभारी राजस्व अधिकारी प्रकाश राजपूत अवैध रूप से बन रहे मकान का निर्माण तोड़ने पहुंचे थे।
सिटी मजिस्ट्रेट को मकान निर्माण करने वाले फिरोज खान ने जमीन के दस्तावेज दिखाए, लेकिन उसके पास मकान निर्माण की अनुमति नहीं थी। जबकि मौके पर 15 बाय 30 वर्गफीट में मकान छत हाइट तक बन चुका था। सिटी मजिस्ट्रेट बहादुर ने दस्तावेज चेक करने के बाद अतिक्रमण विरोधी दस्ते से कहा कि मकान की दीवारें गिराओ। निर्माणकर्ता ने विरोध करते हुए कहा कि दीवारें नहीं गिरेंगी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्माणकर्ता को फटकार लगा दी। यही नहीं अवैध निर्माण करने वाले से अभद्रता भी की। निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने मकान की निर्माणाधीन दीवारें एक-एक कर तोड़ दी। दीवारें तोड़े जाने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्माणकर्ता को चेतावनी दी कि बिना अनुमति के अब एक भी ईंट मकान में नहीं लगना चाहिए।
मकान की दीवारें तोड़ने की कार्रवाई के दौरान निर्माणकर्ता फिरोज ने कहा कि हमने निगम में बिल्डिंग परमिशन का आवेदन दिया था, लेकिन कॉलोनी अनडायवर्टेड होने के कारण अनुमति नहीं मिली। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि आप एसडीएम कार्यालय से जमीन का डायवर्शन करा लो, इसके बाद अनुमति मिल जाएगी लेकिन अभी निर्माण टूटेगा। अवैध निर्माणकर्ता ने कहा कि पूरी कालोनी में अवैध निर्माण हुआ है सब तोड़ो। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो बन गए ठीक है, लेकिन नया निर्माण नहीं होने देंगे।
बड़गांव भीला रोड पर वृंदावन विहार कालोनी के प्रवेश द्वार के पास टीन की दुकान बनाकर अतिक्रमण करने के मामले में भी शुक्रवार को कार्रवाई हुई। यहां निगम की टीम ने पहुंचकर दुकान का सामान खाली कराया। इसके बाद इसे बुलडोजर से तोड़ दिया गया। कुछ दिनों पूर्व कॉलोनी के रहवासियों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर इस अतिक्रमण की शिकायत की थी। कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर संचिता गंगराड़े द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके स्टाल लगा लिया गया है। इससे रहवासियों का आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारी संचिता मोबाइल पर वीडियो बनाती नजर आई।
शकर तालाब क्षेत्र को नगर निगम द्वारा कुछ महीनों पूर्व ही अतिक्रमण मुक्त किया गया है, लेकिन यहां फिर से अतिक्रमणकारी कब्जा करने लगे। सूचना मिलने पर निगम की टीम यहां भी कार्रवाई के लिए पहुंची। यहां कुछ लोगों ने तालाब की जमीन पर दुकान निर्माण के लिए गुमटियां रख ली थी तो कुछ ने कच्चा मकान बनाने के लिए बल्लियां गाड़ ली थीं। सिटी मजिस्ट्रेट बहादुर के निर्देश पर इन्हें सख्ती से हटाया गया।
निगम द्वारा शहर में अब तक 60 से अधिक ऐसे निर्माणकर्ताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं जिन्होंने बिना अनुमति या फिर अनुमति के विपरीत पक्का निर्माण किया है। इनमें बड़ाबम चौक स्थित शापिंग माल भी शामिल है। इसका निर्माण अनुमति के विपरीत हुआ है। लगातार नोटिस दिए जाने के बाद भी निर्माणकर्ता इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। निगम में कंपाउंडिंग शुल्क तक जमा नहीं कराया गया है।
विदित हो कि पिछले दिनों भैरव तालाब वार्ड में एक तीन मंजिला बिल्डिंग भरभराकर गिर गई थी। इस बिल्डिंग के बाजू में ही अवैध रूप से निर्माण के लिए गहरी खोदाई की जा रही थी। इसी से यह बड़ा हादसा हुआ था। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई थी। इस घटना के बाद से निगम द्वारा बिना अनुमति या अवैध निर्माण पर नजर रखी जा रही है।