
Coronavirus JN 1 Alert: नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। देश के दक्षिण भारतीय प्रांतों में कोरोना के जेएन-1 वेरियंट से संक्रमित मरीज मिलने के बाद मध्य प्रदेश में भी स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है। इसके चलते अस्पतालों में सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों में संदिग्ध के सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
इसके लिए सैंपल मेडिकल कालेज की लैंब में जांच के लिए कालेज की आरटीपीसीआर लैंब भी दो-तीन दिन में शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही लोगों को कोरोना प्रोटाकाल का पालन करने की समझाइश दी जा रही है।
खंडवा में मौसम में बदलाव से इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आइएलआइ) और सिवर एक्यूट रेसपीरेटरी इंनफेक्शन (सारी) के लक्षण वाले मरीजों के बढ़ने की संभावना है। सामान्यतः यह लक्षण इन्फ्लुएंजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया, सारी-कोव-2 जैसे सामान्य कारणों से होते हैं। वैसे अभी चिंता की कोई विशेष आवश्यकता नहीं है।
मध्य प्रदेश में लोक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अस्पताल की तैयारियों के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं में अपेक्षित मानव संसाधन, अस्पताल के बिस्तर जांच, परीक्षण, दवा और कंज्युमेबल्स के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं में संक्रामण नियंत्रण प्रथाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए रही है।

स्वास्थ्य संस्थाओं में लक्षण वाले मरीजों की निरंतर मानीटरिंग करते हुए प्रकरणों की रिपोर्ट आइडीएसपी और आइएचआइपी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने दिए है।
आवश्यकता अनुसार कोविड-19 के जांच के लिए स्वस्थ्य संस्थाओं में सेंपल कलेक्शन शुरू कर कोविड-19 संक्रमण को रोकने से सबंधित प्रोटोकाल का पालन गाइडलाइन अनुसार के निर्देश शासन ने दिए है। इसके चलते अस्पताल में कोविड-19 के उपचार से संबंधित समस्त व्यवस्था करना सुनिश्चित की जा रही है।
खंडवा जिला महामारी विशेषज्ञ योगेश शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले सर्दी-खांसी के मरीज में संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाएगे। गुरुवार से सैंपलिंग शुरू की जाएगी।सैंपल एकत्र कर जांच के लिए मेडिकल कालेज लैंब में भेजे जाएगें। अभी डरने जैसी कोई बात नहीं है।
जेएन-1 के संक्रमण को देखते हुए आवश्यक तैयारियां निर्देशों के अनुसार की जा रही है। 20 बेड का आइसीयू, सैंपलों की जांच के लिए आरटीपीसीआर लैंब सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है। आक्सीजन प्लांट सहित अन्य सुविधाओं को परखने के लिए पूर्व में माकड्रिल हो चुकी है। - डा. अनंत पवार, डीन मेडिकल कालेज खंडवा