नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। एक मृत व्यक्ति ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री करा दी और इस जमीन का नामांतरण भी हो गया। मृतक के परिवार को जब इसकी जानकारी लगी तो वे भी हैरान रह गए। स्वजन मामले की तह में पहुंचे तो चौंका देने वाली स्थिति सामने आई।
दरअसल, फर्जीवाड़ा करने वालों ने मृत व्यक्ति की पहचान बदलकर उसके स्थान पर दूसरे को खड़ा करके रजिस्ट्री और नामांतरण करा दिया। इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष ने एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत अकोला निवासी स्वाती उंबरकर, राहुल उंबरकर, अपर्णा सरोदे और अनुराधा उंबरकर ने संयुक्त रूप से आवेदन दिया है। उन्होंने स्वयं को मृतक मधुसूदन उंबरकर के वैधानिक उत्तराधिकारी बताया है।
आवेदन के अनुसार, मधुसूदन उंबरकर ने 25 फरवरी 1991 को खंडवा तहसील के ग्राम मालीपुरा स्थित सिहाड़ा रोड पर खसरा नंबर 257 की करीब 0.60 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी थी। बाद में राजस्व रिकॉर्ड में बंटवारे के बाद खसरा नंबर 257/8 की 0.02 हेक्टेयर भूमि उनके नाम दर्ज रही।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 27 फरवरी 2025 को पुणे में कैंसर के इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद परिवार ने अकोला की जूनियर सिविल कोर्ट से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त कर जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की। परिवार का आरोप है कि जब वे राजस्व कार्यालय में नामांतरण कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि संबंधित भूमि पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज हो चुकी है।
दस्तावेजों की जांच करने पर सामने आया कि वर्ष 2023 में मृतक की जगह किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर उसकी पहचान मधुसूदन उंबरकर के रूप में कराई गई और उसी के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा योजनाबद्ध तरीके से किया गया, ताकि असली मालिक और उनके परिवार को इसकी भनक तक न लगे।
परिवार ने आरोप लगाया है कि 26 सितंबर 2023 को तैयार किए गए विक्रय पत्र में पहचान संबंधी आवश्यक दस्तावेजों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया। विक्रेता और खरीदार के आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्रों का विवरण दस्तावेज में नहीं है।
शिकायतकर्ताओं ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, स्वर्गीय मधुसूदन उंबरकर महाराष्ट्र के जल संसाधन विभाग (वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट) में सब डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी अनुराधा उंबरकर और तीनों संतानें वैधानिक वारिस हैं। परिवार का कहना है कि उनके पास उत्तराधिकार प्रमाण पत्र सहित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, बावजूद इसके उनकी संपत्ति पर फर्जी तरीके से कब्जा करने की कोशिश की गई।
इन लोगों के विरुद्ध की गई शिकायत
- मधुसूदन मसानी निवासी भेलगांव, जिला खरगोन
- पूजाबाई जोगी निवासी संजय नगर, खंडवा
- नूर मोहम्मद निवासी भीकनगांव, जिला खरगोन
- बंटी कनाडे निवासी संत रविदास वार्ड, खंडवा
- भारत ढाकरे निवासी खंडवा
- श्रद्धा मालाकार, सर्विस प्रोवाइडर, रणजीत वार्ड, खंडवा
- ब्रजकिशोर चौहान, उप पंजीयक कार्यालय, खंडवा
- देवीसिंह निवासी खंडवा
- हल्का पटवारी, ग्राम मालीपुरा, तहसील खंडवा
- निधि गुप्ता निवासी प्रभुप्रेमपुरम कॉलोनी, खंडवा
- संजय कुमार गुप्ता निवासी प्रभुप्रेमपुरम कॉलोनी, खंडवा
- कलीम खान निवासी आनंद नगर, खंडवा
- रफीक शेख, सर्विस प्रोवाइडर, नागचून रोड, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, खंडवा
- अरविंद सैनी, पटवारी हल्का क्रमांक-6, तहसील खंडवा
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