
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को डराकर ठगी करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। खंडवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें आरोपितों ने एक व्यक्ति को करीब 15 दिन तक मानसिक दबाव में रखा।
पुलिस अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाया और उसके बैंक खाते से 3 लाख 4 हजार 999 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ट्रांसफर करा लिए। हैरानी की बात यह है कि ठगी के बाद साइबर अपराधियों ने पीड़ित को उसके दस्तावेज लेने के लिए खुद ही थाने भेज दिया।
फरियादी श्रवण कुमार ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अज्ञात लोगों ने मोबाइल फोन और वीडियो काल के माध्यम से उससे संपर्क किया। आरोपितों ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताया और दावा किया कि उसका नाम पहलगाम हमले, मनी लान्ड्रिंग और विदेश से अवैध फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में सामने आया है।
वीडियो काल के दौरान आरोपित पुलिसकर्मियों की वर्दी में दिखाई देते थे। इतना ही नहीं, वे फरियादी की पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी भी दिखाते थे। इससे श्रवण कुमार को विश्वास हो गया कि वास्तव में पुलिस की ओर से ही उससे पूछताछ की जा रही है।
फरियादी के अनुसार 29 मार्च से 12-13 अप्रैल तक आरोपित लगातार उसके संपर्क में रहे। उसे निर्देश दिया गया कि वह कथित जांच के बारे में किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी न दे। ऐसा करने पर उसे किसी दूसरे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
हालांकि श्रवण कुमार को घर में बंद नहीं किया गया था और वह सामान्य रूप से अपने काम पर जाता रहा, लेकिन इस दौरान वह लगातार मानसिक दबाव और भय में रहा। आरोपितों ने जांच के नाम पर उसके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन करवाए और कुल 3 लाख 4 हजार 999 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर करा लिए।
रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपितों ने श्रवण कुमार से कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और वह थाने जाकर अपने दस्तावेज प्राप्त कर सकता है। उनके निर्देश पर जब वह थाने पहुंचा तो पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है और न ही उसके संबंध में किसी तरह की जांच चल रही है।
इसके बाद श्रवण कुमार को समझ आया कि जिन लोगों को वह अब तक पुलिस अधिकारी समझ रहा था, वे साइबर अपराधी थे। उसने अपने बेटे को पूरी घटना बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
चौकी रामेश्वर थाना मोघट रोड पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल खंडवा की मदद से पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में सामने आया कि फरियादी के खाते से ट्रांसफर की गई राशि झाबुआ निवासी आकाश भूरिया के बैंक खाते में पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने आकाश उर्फ हावसिंह पुत्र गुलचंद उर्फ गुलशन भूरिया (26), निवासी ग्राम नरवालिया, थाना कल्याणपुरा, जिला झाबुआ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार आकाश के साथ दो अन्य लोग भी इस ठगी में शामिल हैं। उनकी तलाश की जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास खिची, उपनिरीक्षक सुभाष नावड़े, प्रधान आरक्षक शेखर गुप्ता तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक जितेंद्र राठौर, विक्रम वर्मा और आरक्षक उदय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।