नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुरु पूर्णिमा पर्व आते ही शहर श्रद्धालुओं के स्वागत और सत्कार में उमड़ पड़ा है। पर्व से एक दिन पहले बुधवार से ही शहर में पग-पग पर भंडारों का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं को पोहा-जलेबी, चाय, सब्जी-पूरी से लेकर हलवा, गुलाब-जामुन, पुलाव तक भंडारों में परोसा गया। 200 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन हो रहा है। भंडारों का यह गुरु पूर्णिमा पर भी दिनभर चलेगा।
श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों से सैकड़ों किमी की पदयात्रा कर निशान लाने और दूर-दूर से दर्शनों के लिए आने वाले अन्य श्रद्धालुओं का स्वागत जिले की सीमा से ही शुरू हो जाती है। इस बार भी श्रद्धालुओं को पकवान बनाकर खिलाए जा रहे हैं।
पार्वतीबाई धर्मशाला में पांढुर्ना से आए भक्तों के स्वागत-सत्कार में बुधवार को श्रद्धालु जुटे रहे। करीब 300 श्रद्धालुओं को यहां भोजन प्रसादी बैठाकर उपलब्ध कराई गई। घंटाघर चौराहे पर सर्व समाज द्वारा श्रद्धालुओं को देशी घी का हलुआ प्रसाद वितरित किया गया। इसी तरह स्टेशन रोड पर जेपीबी क्लब द्वारा सुबह नाश्ते में पोहा-जलेबी, दोपहर में पुलाव और पायनेपल जलेबी का वितरण किया जा रहा है।
श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुरुवार को गुरुपूर्णिमा उत्सव की धूम हैं। पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु समाधि पर शीश नवा रहे हैं। सुबह से ही श्रीदादाजी दरबार में प्रतिदिन की तरह बड़े दादाजी और छोटे दादाजी की समाधि पर स्नान के साथ ही अभिषेक और सेवा शुरू हो गई है। रात लगभग 7:45 बजे पर्व की महाआरती 108 दीपकों से होगी। इस महाआरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। रात्रि लगभग 12 बजे धूनी माई में सूखे मेवे का हवन होगा।
श्रीधूनीवाले दादाजी दरबार में गुरुपूर्णिमा पर्व से एक दिन पहले ही करीब 70 हजार श्रद्धालुओं ने समाधि दर्शन कर लिए। दो दिन में यहां करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आ चुके हैं। बुधवार सुबह से शाम तक समाधि पर निशान चढ़ाने के लिए भक्तों की टोली श्रीदादाजी दरबार पहुंचती रही। रात 12 बजे से पहले पांढुर्रना से आए श्रद्धालुओं ने समाधि पर निशान अर्पित किया।
बुधवार को सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं को दरबार के मुख्य द्वार से श्रद्धालुओं को समाधि दर्शन कराए गए। इसके बाद भीड़ बढ़ने पर गेट शाम चार बजे से गेट नंबर छह से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। बुधवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसपी मनोजकुमार राय सहित अन्य अधिकारियों ने श्रीदादाजी दरबार क्षेत्र का भ्रमण किया।
गुरुपूर्णिमा पर श्रीदादाजी की समाधि पर टिक्कड़ प्रसादी का भोग अर्पित नहीं किया जाएगा। श्रीदादाजी की समाधि पर विशेष भोग सेवादारों द्वारा तैयार किया जाएगा। समाधि पर खीर-पूरी, सब्जी, मालपुआ, लड्डू, पापड़, रायता और नुक्ती का नैवेद्य लगाया जाएगा। ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार विशेष पर्व पर श्रीदादाजी को पक्की रसोई की सामग्री बनाकर परोसी जाएगी।
श्रीदादाजी दरबार में 1930 से अखंड धूनी प्रज्वलित है। सामान्य दिनों में धूनी का तापमान 30 डिग्री तक रहता है। गुरुपूर्णिमा उत्सव के चलते यहां आने वाले हजारों श्रद्धालु धूनी में नारियल अर्पित कर रहे हैं। बुधवार को धूनी का तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि अभी नारियलों की आहूति बंद नहीं की गई है। ट्रस्ट के अनुसार यदि 55 डिग्री तक तापमान पहुंचता है तो धूनी में नारियलों की आहूति रोक दी जाएगी।
श्रीदादाजी दरबार में व्यवस्था के मद्देनजर बुधवार दोपहर से समाधि पर नारियल अर्पित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। शाम तक भीड़ बढ़ने पर निशान चढ़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। गेट नंबर एक पर मंदिर परिसर में सेवादारों द्वारा नारियल और फूलमालाएं श्रद्धालुओं से एकत्रित किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि अत्यधिक नारियलों की वजह से समाधि पर चादर बदलने सहित अन्य सेवाएं प्रभावित ना हों।