खंडवा में अवैध शराब से भरी कैन लेकर कलेक्टर को रक्षाबंधन का शगुन देने पहुंचीं आक्रोशित लाड़ली बहनें
ग्रामीण अंचल में शराब बिक्री से त्रस्त महिलाएं माथे पर शराब से भरी चार केन लेकर यहां पहुंच गईं।महिलाएं ये शराब कलेक्टर ऋषव गुप्ता को भेंट करना चाहती थ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 25 Aug 2026 06:43:44 PM (IST)Updated Date: Tue, 25 Aug 2026 06:43:44 PM (IST)
कलेक्ट्रेट पहुंचीं आक्रोशित महिलाएं। (वीडियो ग्रैब)HighLights
- जनसुनवाई में पहुंचीं आक्रोशित महिलाएं
- बोलीं- रक्षाबंधन से पहले को लाड़ली बहनें में शराब देने आई हैं
- अवैध शराब बिक्री का किया विरोध, कहा- नहीं होती कार्रवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से त्रस्त आवेदक जनसुनवाई में अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कराने के लिए तरह-तरह के अनोखे प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंगलवार को ग्रामीण अंचल में शराब बिक्री से त्रस्त महिलाएं माथे पर शराब से भरी चार केन लेकर यहां पहुंच गईं।महिलाएं ये शराब कलेक्टर ऋषव गुप्ता को भेंट करना चाहती थीं, हालांकि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। परिसर में ही एडीएम काशीराम बड़ोले ने महिलाओं से आवेदन ले लिया और उन्हें निराकरण का आश्वासन देकर लौटा दिया।
शराब की अवैध बिक्री बंद कराए जाने को लेकर प्रदर्शन किया
ग्राम पिपलोद खास, गुड़ी, भीलखेड़ा और टाकलखेड़ा सहित दस से अधिक गांव से आई महिलाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री बंद कराए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि हम बहनें रक्षाबंधन से पूर्व कलेक्टर को शगुन के रूप में शराब के डिब्बे देने आई हैं ताकि वे ये शराब ले लें और बहनों की रक्षा करें।
पिपलोद खास संयुक्त महिला समिति की अध्यक्ष ममता मोरे ने कहा कि कलेक्टर द्वारा तो कार्रवाई के लिए आदेश दिया जाता है लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई ना करते हुए अवैध शराब बेचने वालों को बचा लिया जाता है।
समिति द्वारा एडीएम बड़ोले को आवेदन देकर बताया गया कि ग्राम पंचायत पिपलोद खास में संयुक्त महिला समिति की लगभग सौ से अधिक महिलाएं निस्वार्थ सेवाएं दे रही हैं। ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रहे नशे के विपरीत आंदोलन कर ग्रामों से नशा मुक्ति के लिए प्रयत्नशील हैं।
समिति द्वारा गांव-गांव में जाकर इसके विरुद्ध आंदोलन, रोकथाम के लिए आवाज उठाई जाती है तो कच्ची शराब की बिक्री कर लोग विवाद, लड़ाई-झगड़ा व मारपीट पर आमदा हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में अवैध कच्ची शराब की बिक्री करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।