पुनासा (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम सुलगांव के निकट खंडवा-इंदौर मीटरगेज रेलवे लाइन का गेज परिवर्तन क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी की वजह बन गया है। मीटरगेज को ब्राडगेज में बदलने के बाद रेलवे में गांव के पास ने निकलने वाले रेलवे समपार (गेट) को बंद कर दिया है। इसके विकल्प के लिए रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं करने से गांव के मुक्तिधाम जाने रास्ता बंद और 20 से अधिक किसानों को खेत तक पहुंचा मुश्किल हो गया है। इस परेशानी को लेकर क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने भारतीय किसान संघ के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने गेट खुलवाने या अंडरब्रिज बनाने की मांग की है।

इस रेलवे लाइन के दक्षिण-पश्चिम रेलवे द्वारा सुलगांव में समपार नंबर 278 को बंद कर दिया है। इस गेट से क्षेत्र के 20 से अधिक किसान आवाजाही करते है। इन किसानों व अन्य लोगों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने पहले यहां समपार बना रखा था समपार बंद करने व खोलने के लिए

कर्मचारी भी नियुक्त थे। लेकिन खंडवा से सनावद तक मीटरगेज को ब्राडगेज में तब्दील करने का कार्य शुरू होने के बाद रेलवे ने यह समपार बंद कर दिया है। स्थायी रूप से बंद कर दिया है। गेट के दोनों ओर लोहे की पटरियों को वेल्डिंग कर आवागमन पूर्णतया प्रबंधित कर दिया है। ऐसे में यहां से साइकिल तक भी नहीं निकल पा रही है।

10 से 12 किमी का चक्कर लगाने को विवश किसान

ग्राम सुलगांव के किसान इंदरसिंह सिसोदिया, धनसिंह, देवी सिंह व दिलीप सिंह ने बताया कि गांव के बहुत से किसानों की जमीन और

एक मुक्तिधाम रेलवे गेट के उस पार है। खरीफ की फसल के लिए किसानों को अपने खेत तैयार करना है। रेलवे गेट बंद होने से पहले किसान अपने खेतों में एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पारकर पहुंच जाया करते थे। लेकिन रेलवे गेट बंद होने से अब किसानों को अपने खेत मे जाने के लिए लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ रही है। यही दिक्कत मुक्तिधाम जाने वाली शवयात्रा में भी आएगी।

किसानों ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों ने गेट बंद करते समय यह स्पष्ट नहीं किया कि किसानों को खेत व मुक्तिधाम जाने के

लिए अंडरब्रिज बनेगा या नहीं। पीड़ित किसानों ने भारतीय किसान संघ के राधेश्याम चाचरिया, सुभाष पटेल के नेतृत्व में बीती 19 अप्रैल को अपनी गुहार लेकर पुनासा एसडीएम चंदरसिंह सोलंकी से मुलाकात कर रेलवे गेट पुनः चालू करने या अंडरब्रिज बनाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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