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Mahashivratri 2026: ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट, फूलों से होगा विशेष शृंगार

Omkareshwar Temple: 15 फरवरी को महाराशिवरात्रि के लिए ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर में अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। महाशिवरात्रि के दिन भक्त 24 घ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 06 Feb 2026 09:45:11 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Feb 2026 10:37:53 AM (IST)
Mahashivratri 2026: ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट, फूलों से होगा विशेष शृंगार
ओंकारेश्वर मंदिर। फाइल फोटो

HighLights

  1. ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती रात्रि विश्राम करते हैं
  2. मंदिर में रात्रि में यहां भगवान के लिए सेज, झूला और चौंसर भी बिछती है
  3. यहां 8:30 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा। इस वजह से प्रतिदिन रात साढ़े आठ बजे होने वाली शयन आरती नहीं होगी। महापर्व पर भगवान शिव भी रतजगा करेंगे। ज्योतिर्लिंग मंदिर की फूलों से सजावट की जाएगी।

श्रीजी मंदिर ओंकारेश्वर ट्रस्ट द्वारा तड़के तीन बजे से मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे, जो अगले दिन रात तीन बजे कुछ समय बंद रहने के बाद फिर खुल जाएंगे।

शास्त्रों के अनुसार ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती रात्रि विश्राम करते हैं। इसके चलते रात्रि में यहां भगवान के लिए सेज, झूला और चौंसर भी बिछती है। रात्रि 8:30 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है। इसके बाद भगवान विश्राम करते हैं।


महाशिवरात्रि पर शयन आरती और भगवान के लिए सेज और झूला नहीं सजेगा। मंदिर ट्रस्ट के पंडित आशीष दीक्षित और पं. डंकेश्वर दीक्षित ने बताया कि उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के समान ओंकारेश्वर में भगवान की शयन आरती का महत्व है।

पट खुलने पर पहले साधु-संत करेंगे दर्शन

महाशिवरात्रि पर तड़के तीन बजे पट खुलने के बाद साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ मंदिर पहुंचकर पूजन-दर्शन करेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दोपहर 12:20 बजे भगवान को भोग के लिए कुछ समय के लिए पट बंद होंगे। फिर तड़के तीन बजे तक सतत दर्शनार्थ पट खुले रहेंगे। शिवरात्रि पर मंदिर में फूलों से सजावट और तीर्थनगरी तथा घाटों पर रोशनी की जाएगी।

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