Khandwa Railway News: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खंडवा रेलवे स्टेशन सहित आसपास के नौ रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा का जिम्मा आरपीएफ के सिर्फ 21 जवान संभाल रहे हैं। इस वजह से छुट्टी सहित अन्य परेशानियों से भी जूझना पड़ रहा है। 21 आरक्षकों में केवल दो महिला आरक्षक ही थाने पर हैं। खंडवा के अतंर्गत आने वाले अन्य थानों पर महिला बल नहीं है। डीआइजी के निरीक्षण के दौरान बल बढ़ाने की मांग भी की गई है।

खंडवा आरपीएफ थाने में लगभग 30 प्रतिशत आरक्षकों के पद खाली हैं। यहां पर 33 जवानों की स्वीकृति है। जिसकी जगह पर मात्र 21 जवान नियुक्त हैं। इनमें से भी किसी का ट्रांसफर होने पर अतिरिक्त कार्य का बोझ अन्य जवानों पर हो जाता है। छुट्टी को लेकर भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 24 घंटे में खंडवा से लगभग 65 से अधिक ट्रेन गुजरती है। ऐसे में हर समय निगरानी रखना होती है। बुरहानपुर आरपीएफ थाना अलग होने के बाद बल संख्या कम हुई। इसके बाद पोस्टिंग पूरी तरह से नहीं हो सकी।

इन स्टेशनों पर निभाते हैं ड्यूटीः खंडवा आरपीएफ के तहत चांदनी, नेपानगर, मांडवा, सागफाटा, डोंगरगांव, कोहदड़, बगमार, बड़गांव गुर्जर व खंडवा स्टेशन आते हैं। इनमें नेपानगर में भी आरपीएफ का थाना है। जहां पर इसी में से स्टाफ ड्यूटी देता है।

महिला आरक्षकों की कमीः

-आरपीएफ के पास मौजूदा स्थिति में केवल दो महिला आरक्षक ही हैं। समय-समय पर महिला सुरक्षा को लेकर अभियान चलाना, नाबालिग या महिला अपराध होने पर सारे कार्य के लिए इनकी जिम्मेदारी रहती है। कम से कम यहां पर चार से पांच महिला आरक्षकों की आवश्यकता है। जिससे अभियान व ट्रेनों में जांच अभियान सतत जारी रहे।

-बुरहानपुर थाना अलग होने के बाद बल की कमी है। हमने डीआइजी के समक्ष भी इसे रखा है। जो भी पोस्टिंग होगी वह उच्च कार्यालय से ही होगी। जवान हर समय सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।-जय सिंह, थाना प्रभारी आरपीएफ

आरपीएफ के कामों का डीआइजी ने लिया जायजाः आरपीएफ के डीआइजी केके अशरफ ने गुरुवार को खंडवा थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने थाने में अपराध संबंधित कार्य व अन्य जांच की। इस दौरान कर्मचारी परिचय सम्मेलन भी आयोजित किया गया। उन्होंने परिचय के साथ ही समस्याओं की जानकारी भी ली। थाने पर डाग स्क्वाड व परेड की सराहना करने हुए अवार्ड देने की घोषणा की। डीआइजी गुरुवार सुबह थाने पहुंचे। निरीक्षण करने के साथ ही वार्षिक समीक्षा व रिपोर्ट देखी। इसके बाद उन्हें परेड पर सलामी दी गई। पिछले एक से दो माह में ट्रेन से कूदने वाले यात्रियों की जान बचाने वाले जवानों की जानकारी भी दी गई। इस पर उन्होंने सभी की सरहना की है। निरीक्षण के बाद रात को वे ट्रेन से रवाना हुए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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