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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- मां संसार के दुखों और जाप की माला मृत्यु से करती है रक्षा

ओंकारेश्वर तीर्थ की महिमा का बखान करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव ने ओम का घोष बारह ज्योतिर्लिंग में से ओंकारेश्वर में किया। ओंकारेश्वर क्षेत्र मे...और पढ़ें

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 11 Jun 2024 12:12:13 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Jun 2024 12:20:05 PM (IST)
Pandit Pradeep Mishra Katha: पंडित प्रदीप मिश्रा बोले- मां संसार के दुखों और जाप की माला मृत्यु से करती है रक्षा
ओंकारेश्वर के करीब पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा की जा रही है।

HighLights

  1. समाज में उसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा होती है, जिसकी संतान आज्ञाकारी हो।
  2. संसार की गुलामी करोगे तो संतान सम्मान नहीं करेगी।
  3. भगवान शिव की भक्ती करोगे तो संतान आज्ञाकारी होती है।

Pandit Pradeep Mishra Katha : नईदुनिया न्यूज, ओंकारेश्वर। 'जिस घर में मां है और हाथ में जप की माला है, उसका दुनिया में कोई नाश नहीं कर सकता। मां संसार के दुःखों से और माला मृत्यु से रक्षा करती है।' यह बात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने ओंकारेश्वर के करीब ग्राम थापना में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कही। श्रद्धालुओं से उन्होंने कहा कि तुलसी अथवा रुद्राक्ष की माला से जप करने पर इंद्रियां संयमित होती हैं।

माला जपने से भक्त की ग्रह दशा बदलती है। ओंकारेश्वर तीर्थ की महिमा का बखान करते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव ने ओम का घोष बारह ज्योतिर्लिंग में से ओंकारेश्वर में किया। ओंकारेश्वर क्षेत्र में शिव महापुराण का श्रवण करना बड़े सौभाग्य की बात है। शिव को हमेशा हृदय में रखिए। शिव को अपना बनाने का प्रयास करो। महादेव अनजाने में किए गए पाप क्षमा कर देते हैं, लेकिन जानबूझकर किए गए पाप की क्षमा नहीं होते।


पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि समाज में उसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा होती है, जिसकी संतान आज्ञाकारी हो। यदि संसार की गुलामी करोगे तो संतान सम्मान नहीं करेगी और भगवान शिव की भक्ती करोगे तो संतान आज्ञाकारी होती है। जब संतान आज्ञाकारी नहीं हो और मान सम्मान नहीं दे तो भगवान शंकर की अराधना करना चाहिए। भगवान की कृपा से संतान संस्कारवान हो जाती है। कथा के विभिन्न प्रसंग और भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।

कथा स्थल पर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग दूरदराज के क्षेत्रों से कथा श्रवण करने आए श्रद्धालुओं ने बताया कि कथास्थल पर शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण महिला भक्तों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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कथास्थल पर अधिक संख्या में चलित शौचालयों की व्यवस्था की जाना चाहिए। मालूम हो कि वर्तमान में लगाया पंडाल अभी से छोटा पड़ रहा है। इस कारण हजारों भक्तों को तेज धूप और गर्मी में खुले आसमान के नीचे और सड़कों के किनारों पर बैठकर कथा सुनना पड़ रही है। भक्तों ने मांग की है कि पंडाल के आसपास टेंट लगाए जाएं। पंडाल में पर्याप्त संख्या में पंखे और कूलर नहीं हैं।

तेज गर्मी के मौसम में भक्तजन हाथ से पंखा झलते हुए कथा श्रवण कर रहे हैं। भक्तों की सुविधा के लिए पंडाल के भीतर पर्याप्त संख्या में कूलर और पंखे लगाए जाएं। पंडाल के आसपास स्थल पर वीआइपी व्यवस्था को लेकर भी विवाद की स्थिति बन रही है।

सोमवार को हरसूद टीआइ अमित कोली के व्यवहार पर स्थानीय मीडियाकर्मियों और गणमान्यजन ने आक्रोश व्यक्त किया। इसकी शिकायत एसपी मनोज कुमार राय और एडिशनल एसपी ग्रामीण राजेश रघुवंशी से की गई है।