
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन की कथित लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। शुक्रवार को मोरटक्का क्षेत्र में नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन रेलवे ब्रिज के लिए बनाई गई एप्रोच रोड ओंकारेश्वर बांध से अचानक अधिक पानी छोड़े जाने के कारण बह गई। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे 10 मजदूर नदी के बीच फंस गए, जिनकी जान पर खतरा बन आया।
घटना के समय रेलवे ब्रिज का निर्माण कार्य मंगलम बिल्डकान कंपनी द्वारा किया जा रहा था। अचानक जलस्तर बढ़ने से मजदूर सुरक्षित स्थान तक नहीं पहुंच सके। सूचना मिलते ही प्रशासन और स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नावों की मदद से सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि समय रहते रेस्क्यू हो गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
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इधर, अधिक पानी छोड़े जाने का असर खेड़ीघाट क्षेत्र में भी देखने को मिला। नर्मदा किनारे दुकान लगाकर रोजी-रोटी चलाने वाले दुकानदारों की दुकानों में पानी भर गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दुकानदारों ने बिना पूर्व सूचना पानी छोड़े जाने पर नाराजगी जताई है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।वहीं स्थानीय लोगों ने ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।