
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। शहर के महेश नगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका को गूगल पर डॉक्टर का नंबर तलाशने में एक लाख 17 हजार 966 रुपये की चपत लग गई। गूगल से मिले नंबर पर संपर्क करने पर उन्हें एक फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। यह एपीके (APK) फाइल डाउनलोड होते ही अज्ञात बदमाश ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से चार ट्रांजेक्शन कर यह राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। शिक्षिका को अपने यूपीआई से राशि ट्रांसफर होने का मैसेज भी नहीं आया। बाद में बैंक से फोन आने पर इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
महेश नगर ड्रीम सिटी निवासी 64 वर्षीय सरिता पत्नी सुनील टोकसे के मोबाइल को 18 फरवरी की रात को बदमाश ने एपीके फाइल के माध्यम से हैक कर लिया। मोबाइल पर आने वाले मैसेज डायवर्ट कर उसने चार ट्रांजेक्शन क्रमशः 18 हजार, 19 हजार और 34-34 हजार रुपये के कर कुल 1,17,966 रुपये यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए। 19 फरवरी को एसबीआई बैंक से उन्हें इस ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने पर टोकसे दंपती के होश उड़ गए।
19 फरवरी को उन्होंने किसी को रुपये ट्रांसफर या भुगतान नहीं करने की सूचना बैंक और साइबर सेल पहुंचकर दी। साइबर सेल में पूछताछ और सरिता टोकसे के मोबाइल की जांच करने पर डॉक्टर के नंबर के बहाने उनसे एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। बैंक को 24 घंटे के अंदर इसकी शिकायत करने से बैंक के प्रयासों से तीन ट्रांजेक्शन की राशि संबंधित के खाते में जमा होने से पहले ही रोक दी गई है। महिला के पति सुनील टोकसे ने बताया कि बैंक को जल्दी सूचना मिलने से चार में से तीन राशि बदमाश के खाते में ट्रांसफर होने से पहले ही रोक दी गई है। वहीं खाते में और भी राशि थी लेकिन खाता सीज करने से बदमाश और रुपये नहीं निकाल सका।
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कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि महिला के बैंक खाते से 1,17,966 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस का प्रकरण दर्ज किया है। साइबर सेल की मदद से राशि किस खाते में और कहां ट्रांसफर हुई है, इसका पता लगाया जा रहा है।