
Summer Health Tips: खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मौसम में बदलाव से मौसमी बीमारियां बढ़ रही है। ऋतु परिवर्तन के दौरान स्वास्थ के प्रति उदासिनता से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान और उमस के कारण पसीना बहुत निकलता है। इस कारण हमारे शरीर में पानी,शुगर और नमक का संतुलन गड़बड़ा जाता है। हम जितना पानी पीते हैं, उससे ज्यादा पानी शरीर से निकलता है। डिहाइड्रेशन होने पर जब तबीयत बिगड़ती है तो बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तेज धूप और लू की वजह से सिरदर्द, कमजोरी लगना, प्यास का बढ़ना, थकान, मुंह का सूखना जैसे लक्षण सामने आते हैं। पसीना निकलने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। जो पथरी का रूप ले सकती है। इन दिनों शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति भी कमजोर होने लगती है। खानपान में सावधानी न बरती जाए तो पेट से जुड़े रोग होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
इन समस्याओं से किस तरह बचाव किया जा सकता है। इसका उपचार आदि के संबंध में पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों का जिला अस्पताल की आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डा. वर्षारानी वैश्य ने चिकित्सकीय परामर्श दिया।
ऋतु परिवर्तन के अंतिम 15 दिन वह आने वाली ऋतु के प्रारंभ के 15 दिनों में विशेष रूप से ऋतु परिवर्तन संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं होती है। इस समय ऋतु के अनुसार दिनचर्या में परिवर्तन कर और आहार.विहार में बदलाव कर शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। गर्मी की शुरुआत हो रही है ऐसे में शीतल सामग्री व छाछए गन्ना रसए नारियल पानीएफलों का जूस शरबत का सेवन करना चाहिए। फ्रीज से निकाल कर तुरंत कोई भी सामग्री का उपयोग ना करें इसी तरह सीधे धूप में रहने से बचें। तेज मिर्च मसाले कि बजाय सुपाच्य सन्तुलित और ताजा खाना खाएं।
लू लगना
गर्मी में लू लगने पर आम की शिकंजी का उपयोग करें। इसे शकर, दालचीनी, तेजपत्रा और इलायची को मिलाकर शरबत बना कर सेवन करें। पेशाब में जलन, जीरे का पानी के साथ सेवन करने से लाभ होगा। दस्त उल्टी होने पर शरीर में पानी की कमी ना हो इसका विशेष ध्यान रखें। घरेलू उपचार से आराम ना होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
सवाल - शरीर में यूरिक एसिड बढ़ रहा कैसे बता लगेंगा। इसके लक्षण क्या है। -रमेश गवाला खंडवा
जवाब - यूरिक एसिड बढ़ने से आमतौर पर शरीर के छोटे जोड़ों और पैर की एड़ी में दर्द होने लगता है। शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने से यूरिक एसिड की समस्या होती है। गरिष्ठ भोजन और दाल आदि का सेवन नहीं करें। चिकित्सक को दिखाकर ब्लड टेस्ट करवा लें।
सवाल - करीब 15 दिनों से मुंह सुखने और थकान व कमजोरी महसूस हो रही है। क्या यह मौसम परिवर्तन से हो रहा हैं। -शैलेश मंडलोई, खंडवा
जवाब - गर्मी में तापमान बढ़ने से प्यास ज्यादा लगती है। धूप और तपन के कारण शरीर से पसीना भी ज्यादा निकलता है। इसलिए पानी या तरल सामग्री का उपयोग अधिक करना चाहिए। मुंह सुखा या कमजोरी की वजह शुगर भी हो सकती है। इसकी जांच भी करवा लें।
सवाल - गर्मी में घबराहट होने के अलावा ठंडा पसीना आता है। गर्मी ज्यादा महसूस होती है। क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। -अनिल चौहान खालवा
जवाब - गर्मी में शरीर से पसीने के साथ खनिज तत्व भी निकलते है। इसलिए पानी के साथ इन तत्वों की कमी न हो इसका ख्याल रखना चाहिए। इसलिए नारियल पानी, ताजा छाछ, दही की लस्सी, नींबू-शक्कर का शरबत आदि का उपयोग अधिक करें। ज्यादा धूप मे बाहर जरूरी हो तो ही निकलें। कानों को ढ़ंक कर रखें।
सवाल - गर्मी में सफर के दौरान छोटे बच्चों के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यात्रा के दौरान खानपान में क्या सावधानी बरतना चाहिए। -आनंद जैन,खंडवा
जवाब - गर्मी के दिनों में सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। घर से बाहर खाली पेट न निकलें। सफर में बाहर की तली और मसालेदार चीजों के सेवन से बचें। अपने घर से सूखी सामग्री ताजे फल साथ रखें। साफ पानी और तरल पदार्थ का अधिक उपयोग करें।