रिश्वत लेना पड़ा महंगा : 55 हजार मांगे, खंडवा में 14 हजार रुपये लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा उपयंत्री
निर्माण कार्य के शेष भुगतान और सुरक्षा राशि लौटाने के बदले ठेकेदार से रिश्वत मांगना एनवीडीए के उपयंत्री को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बु...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 03:51:08 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 04:20:34 PM (IST)
पुनासा के नर्मदा घाटी विकास के उपयंत्री के खिलाफ दस्तावेजी कार्रवाई करती लोकायुक्त टीम और आरोपी अशोक गौतम। (सौजन्य लोकायुक्त)HighLights
- एनवीडीए के ठेकेदार से मांगी थी रिश्वत
- ठेकेदार से कुल 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी
- ठेकेदार ने 10 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त को शिकायत की थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा/ पुनासा। निर्माण कार्य के शेष भुगतान और सुरक्षा राशि लौटाने के बदले ठेकेदार से रिश्वत मांगना एनवीडीए के उपयंत्री को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त इंदौर की टीम ने बुधवार को पुनासा स्थित नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-28 के कार्यालय में कार्रवाई करते हुए उपयंत्री 61 वर्षीय अशोक पुत्र मंजुलाल गौतम को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त के अनुसार आरोपित ने ठेकेदार से कुल 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक सचिन पटेरिया ने बताया कि खरगोन जिले के सनावद क्षेत्र के ग्राम धूलवाड़ा निवासी ठेकेदार लखन राठौर ने 10 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। ठेकेदार ने वर्ष 2024 में एनवीडीए पुनासा में चौकीदार कक्ष और जनरेटर कक्ष निर्माण का ठेका लिया था। काम पूरा करने के बाद भुगतान के लिए बिल जमा किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे करीब 13 लाख रुपये का भुगतान मिल चुका था, जबकि शेष भुगतान और जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि वापस मिलना बाकी थी।
शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान उपयंत्री द्वारा 55 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की योजना बनाई।
टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया
बुधवार को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम पुनासा पहुंची। कार्यालय के तकनीकी कक्ष में जैसे ही उपयंत्री अशोक गौतम ने ठेकेदार से 14 हजार रुपये रिश्वत ली, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा सात के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त की टीम में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल और आरक्षक कृष्णा अहिरवार शामिल थे।
लोकायुक्त निरीक्षक पटेरिया ने बताया कि आरोपित उपयंत्री अशोक गौतम नर्मदा घाटी, 28 नम्बर पुनासा जिला खंडवा में पदस्त है। वर्तमान में शासकीय आवास जी-253, डेम कॉलोनी, नर्मदा नगर जिला खंडवा में निवासरत है। वह मूल निवासी ग्राम आलमपुर छोटी माता मंदिर के पास तहसील लहार जिला भिण्ड का है।
फरियादी ठेकेदार की शिकायत पर बुधवार सुबह पुनासा पहुंचकर आरोपित को रंगे हाथों रुपये की रिश्वत 14 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की राशि उसने अपने पेट की जेब में रखी थी, जिसे पेंट सहित जब्त कर लिया है।