खंडवा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर से अकोला तक रेल मार्ग को मीटरगेज से ब्राडगेज में बदलने के लिए काम चल रहा है। विभिन्ना हिस्सों में चरणबद्ध यह कार्य लगभग आठ वर्ष से चल रहा है। इधर सनावद से वाया निमाड़खेड़ी होते हुए मथेला तक रेल पाथ बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। इस रेल पाथ से कोयले के रैक का आवागमन भी शुरू है, लेकिन यात्री सुविधाओं को रेलवे दरकिनार कर रहा है। भोपाल से वाया खंडवा होते हुए सनावद तक पैसेंजर ट्रेन या मेमू चलाए जाने का प्रस्ताव है लेकिन इसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। सबसे सुलभ व सस्ते साधन के रूप में लोगों की पसंद रेल यातायात का फायदा क्षेत्र सहित बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री नहीं उठा पा रहे। जनमंच, रेल सलाहकार समिति व निमाड़ चेंबर आफ कामर्स के सदस्य कई बार रेल मंत्रालय, डीआरएम, सांसद से लेकर खंडवा आने वाले रेलवे के हर अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंप चुके हैं। अभी तक किसी ने भी इसे शुरू करने की पहल नहीं की है।

खंडवा से सनावद के बीच लगभग 95 फीसद गेज परिवर्तन कार्य पूर्ण हो चुका है। एक जनवरी 2017 से खंडवा से सनावद के बीच रेल परिचालन बंद होने से क्षेत्रवासियों को अत्याधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग आने-जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। खंडवा से सनावद के बीच जल्द से जल्द मेमू व अन्य यात्री ट्रेनें प्रारंभ होने की आवश्यकता है। इसे लेकर खंडवा सहित मथेला, निमाड़खेड़ी व सनावद के भी जनप्रतिनिधि व आम लोग ज्ञापन दे चुके हैं।

पूर्व सांसद ने दिया ज्योतिर्लिंग एक्सप्रेस का प्रस्ताव

खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां पहुंचने के लिए पहले मीटरगेज ट्रेन से ओंकारेश्वर रोड स्टेशन तक श्रद्धालु आसानी से कम किराए में पहुंच जाते थे । मीटरगेज ट्रेन बंद होने से ग्रामीणों के अलावा तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी भी बढ़ गई है। इसे देखते हुए पूर्व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने भोपाल से सनावद तक ब्राडगेज ट्रेक पर ज्योतिर्लिंग एक्सप्रेस मेमू ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा था, लेकिन उनके निधन के बाद यह प्रस्ताव अधर में रह गया ।

खंडवा-बीड़ शटल में बढ़ी संख्या

खंडवा-बीड़-खंडवा मेमू ट्रेन कोरोना के कारण बंद थी। एक माह पहले ही इसे एक फेरे से बढ़ाकर तीन फेरे के लिए शुरू किया गया। तब से यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। किराया अधिक होने के बाद भी यात्री ट्रेन सुविधा को सबसे अधिक पसंद कर रहे हैं। ऐसे में सनावद-खंडवा ट्रेन भी शुरू करने पर प्राथमिकता से विचार करना चाहिए।

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- सनावद से खंडवा के बीच निमाड़खेड़ी होते हुए मथेला तक लाइन डाली जा चुकी है। इस पर मालगाड़ियों का परिचालन जारी है। जब तक अहमदपुर खैगांव से खंडवा तक ट्रैक नहीं बनता तब तक इस रूट से पैसेंजर या मेमू शुरू की जा सकती है।-मनोज सोनी, सदस्य मध्य रेल परामर्शदात्री समिति

- इंदौर से खंडवा ट्रेन का अपना अलग इतिहास रहा है। सभी लोग इस मार्ग से यात्रा करना पसंद करते थे। एक ट्रैक बनकर तैयार है। सुनने में आया है कि मेमू ट्रेन चलाने को लेकर निर्णय हुआ है लेकिन रेल मंत्रालय से आदेश आना की है। यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर जल्द से जल्द मेमू ट्रेन शुरू की जानी चाहिए।- सुनील जैन, समाजसेवी

- खंडवा से सनावद के बीच आने वाले गांव के लोग परिवहन सुविधा को लेकर परेशान हैं। उनके व्यापार सहित अन्य रोजगार के कार्यों पर असर हुआ है। कोरोना के बाद स्कूल-कालेज भी अब खुले हैं। ऐसे में ट्रेन जल्द शुरू करना चाहिए।-डा. जगदीशचंद चौरे, साहित्यकार व जनमंच सदस्य

- खंडवा के सहित अन्य प्रदेशों के लोग ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते हैं। पहले ट्रेन मिल जाती थी। अब रेलवे स्टेशन से बस या टैक्सी के माध्यम से पहुंचना पड़ता है। ऐसे में कई दिक्कतों का सामना वे करते हैं। इसलिए ट्रेन सुविधा जल्द मिले ऐसी जनमंच व सभी संगठन मांग करते हैं।-चंद्रकुमार सांड, जनमंच सदस्य

-भोपाल-खंडवा-सनावद के बीच मेमू ट्रेन चलाने की अनुमति प्रक्रिया जारी है। रेलवे बोर्ड से दिशा-निर्देश के पश्चात ट्रेन प्रारंभ की जाएगी। फिलहाल इस संबंध में कोई आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।-खेमराज मीणा, पीआरओ रतलाम मंडल

Posted By: Nai Dunia News Network

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