
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : उत्तर प्रदेश के एक अनाथ आश्रम में रह रहे तीन भाइयों को खंडवा की एक शासकीय कर्मचारी ने गोद लिया है। सहज समागम फाउंडेशन के विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण केंद्र किलकारी शिशु गृह के माध्यम से गोद लेने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हुई।
संस्था की दीपमाला विधाणी ने बताया कि गोद लेने वाली कृष्णा घाड़गे छात्रावास अधीक्षक और एकल मां हैं। पति से तलाक के बाद उन्होंने केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (कारा) की वेबसाइट पर आवेदन किया था। उन्हें उत्तर प्रदेश के एक अनाथ आश्रम में रह रहे तीन भाइयों की जानकारी मिली।
बच्चों की उम्र 12, सात और पांच वर्ष है। मां के निधन के बाद पिता उनका पालन-पोषण कर रहे थे। बीमारी से पिता की मृत्यु के बाद बच्चे तीन साल से आश्रम में रह रहे थे। कृष्णा ने कारा के माध्यम से उन्हें गोद लेने की सहमति दी। काउंसलिंग और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे उन्हें सौंप दिए गए।
यूपी के एक अनाथ आश्रम में जीवन-यापन कर रहे तीन अनाथ भाइयों को एक बार फिर मां का स्नेह और दुलार मिला है। इन बच्चों को शहर की एक शासकीय कर्मचारी महिला ने गोद लिया है। सहज समागम फाउंडेशन विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण केंद्र किलकारी शिशु ग्रह के माध्यम से गोद लेने की प्रक्रिया बुधवार को पूरी की गई।
गोद लेने वाली सिंगल मदर हैं। पति से तलाक होने के बाद उन्होंने बच्चा गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (कारा) की वेबसाइट पर अप्लाय किया था। इसके बाद उन्हें यूपी के आश्रम में रहने वाले तीन बच्चों की जानकारी दी गई। इनमें एक 12 वर्ष, दूसरा सात और तीसरा बच्चा पांच वर्ष का है। इनकी मां के निधन के बाद पिता ने पालन-पोषण किया।
बीमारी से पिता की भी मृत्यु के बाद इनका पालन-पोषण यूपी के अनाथ आश्रम में तीन साल से हो रहा था। महिला ने कारा की वेबसाइट के माध्यम से तीनों को गोद लेने पर सहमति जताई। काउंसलिंग की प्रक्रिया के बाद बच्चों को खंडवा में किलकारी शिशु ग्रह भेजा गया।यहां से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे महिला को सौंप दिए गए।
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