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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हमें उर्दू भी हिंदी, अंग्रेजी में पढ़ा रहे हैं जो समझ में नहीं आता, उर्दू टीचर नहीं है तो टीसी दे दो

खंडवा में एक उर्दू स्‍कूल में आज 40 छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इस स्‍कूल में जब तक उर्दू टीचर की व्‍यवस्‍था नहीं हो जाती हमें टी...और पढ़ें

By Navodit SaktawatEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 12 Aug 2024 01:21:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Aug 2024 07:02:34 PM (IST)
हमें उर्दू भी हिंदी, अंग्रेजी में पढ़ा रहे हैं जो समझ में नहीं आता, उर्दू टीचर नहीं है तो टीसी दे दो
टीसी के आवेदन लेकर स्कूल पहुंची छात्राएं।

HighLights

  1. खंडवा के परदेशीपुरा का मामला
  2. उर्दू स्‍कूल में पढ़ाने के लिए टीचर नहीं
  3. छात्राओं ने की टीसी देने की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। शासकीय उर्दू गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल परदेशीपुरा में सोमवार सुबह छात्राओं व उनके स्वजन ने हंगामा खड़ा कर दिया। बड़ी संख्या में छात्राएं अपने पालकों के साथ स्कूल परिसर पहुंची और यहां विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा कि उर्दू स्कूल में उर्दू पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है।

हमें हिंदी, अंग्रेजी के पढ़ाया जाता है जो हमें समझ नहीं आता। पालकों ने कहा कि हम लंबे समय से उर्दू शिक्षकों की मांग कर रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं होती। अब उर्दू पढ़ने के लिए हम अलग से शिक्षक कहां से ढूंढेंगे।


छात्राओं ने कहा कि यदि स्कूल में उर्दू के शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होती है तो हमें टीसी दे दीजिये। करीब 40 छात्राएं टीसी का आवेदन लेकर स्कूल पहुंची थी।

स्कूल प्रबंधन ने डीईओ से चर्चा कर समस्या के निराकरण की बात कही। शासकीय उर्दू गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कूल परदेशीपुरा जिले की मात्र एक उर्दू माध्यम की हायर सेकंडरी शाला है। जहां विद्यार्थी उर्दू में लिखते-पढ़ते हैं, किताबें उर्दू माध्यम की होती है।

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परीक्षा भी उर्दू में होती है तो पढ़ाई क्यों नहीं

पालकों ने कहा कि स्कूल की परीक्षा (त्रेमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक) का माध्यम भी उर्दू होता है। प्रश्नपत्रों का निर्माण करने, उर्दू भाषा में लिखे प्रश्नउत्तरों को जांचने के लिए भी उर्दू पढ़ना-लिखना आना आवश्यक होता है।

वर्तमान में इस शाला के रिक्त पदों हेतु उर्दू भाषा जानने वाले शिक्षक उपलब्ध हो तो यहां के विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य के लिए बहुत अच्छा होगा।

पीटीए की बैठकों में भी बताई थी समस्या

पालकों द्वारा इस संबंध में पीटीए की बैठकों में भी अनेक बार इस बात पर चिंता जाहिर की गई है कि शाला के रिक्त पदों पर गैर उर्दू भाषी शिक्षक पदस्थ न हो।

पालकों ने कहा कि उच्च वर्ग के प्रभार की प्रक्रिया के माध्यम से माध्यमिक वर्ग से उच्च माध्यमिक शिक्षक के प्रभार में आने वाले शिक्षकों को यह स्पष्ट तौर पर समझाइश दी जाए कि शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय परदेशीपुरा (डायस कोड 23290713708) खंडवा एक उर्दू भाषी शाला है।

जहां अध्ययन अध्यापन के लिए उर्दू भाषा का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। यदि गैर-उर्दू भाषी शिक्षकों के द्वारा जाने-अनजाने में उर्दू शाला का चयन कर लिया तो विद्यार्थियों के हित में नहीं होगा।