खंडवा, नईदुनिया प्रतिनिधि। हमारा गेहूं अच्छी क्वालिटी का है फिर कम भाव में क्यों बिका...दूसरे कि सानों का यही गेहूं ऊंचे भाव में नीलाम हुआ है। व्यापारियों द्वारा नीलामी के दौरान भेदभाव कि या जा रहा है। ये मनमानी हम सहन नहीं करेंगे। ये आक्रोश गुरुवार को कि सानों ने कृषि उपज मंडी में दिखाया। नीलामी के दौरान उपज का सही भाव नहीं मिलने से नाराज कि सान मंडी कार्यालय पहुंच गए। यहां कि सानों ने हंगामा करते हुए कहा कि उनका गेहूं 1800 से 1900 रुपए क्विंटल में नीलाम कि या गया है जबकि इसी क्वालिटी का गेहूं सुबह व्यापारियों द्वारा करीब दो हजार रुपए क्विंटल में खरीदा गया है। सुबह और दोपहर तक भाव में अंतर कै से आ गया। कि सानों ने मंडी कार्यालय में करीब आधे घंटे तक हंगामा कि या।

इस दौरान मंडी प्रभारी राजेश दुबे ने किसानों की शिकायत सुनने के बाद उन्हें समझाइश दी कि जब नीलामी में गेहूं की बोली लगाई गई तो कम भाव होने को लेकर उसी समय आपत्ति ली जानी थी। एग्रीमेंट होने के बाद विरोध क्यों कि या जा रहा है। व्यापारियों द्वारा गेहूं की क्वालिटी देखने के बाद नीलामी में बोली लगाई जाती है। यदि कि सी कि सान को भाव नहीं जम रहा है तो वह अपना एग्रीमेंट कें सिल भी करा सकता है।

उपज लेकर लौट गए किसान

मंडी में उपज बेचने आए भगवानपुरा के कि सान पूर्णाशंकर ने कहा कि 1911 रुपए क्विंटल में बिका है, जबकि क्वालिटी अच्छी होने के कारण दो हजार रुपए क्विंटल में बिकना चाहिए था। अजंटी के किसान मोहन ने कहा कि उनका गेहूं महज 1885 रुपए क्विंटल के भाव बिका है। हरसवाड़ा के किसान शैलेंद्र ने कहा कि उनका गेहूं 1874 रुपए क्विंटल में बिका जबकि क्वालिटी बेहतर थी। ये सभी कि सान अपना एग्रीमेंट लेकर मंडी कार्यालय पहुंचे थे। कि सानों ने मांग उठाई कि उनकी उपज की नीलामी दोबारा कराई जाए।

मंडी प्रभारी दुबे कि सानों की मांग के अनुसार नीलामी कराने पर राजी हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि दोबारा नीलामी के दौरान भाव में अंतर आने पर इसकी जिम्मेदारी कि सानों की रहेगी। इसके बाद कु छ कि सान अपनी उपज लेकर लौट गए। वहीं कु छ ने एग्रीमेंट के आधार पर ही उपज बेचने पर राजी हो गए। मौके पर मौजूद राष्ट्रीय कि सान मजदूर महासंघ के जिला महामंत्री जगदीश पटेल ने बताया कि दोपहर बाद व्यापारियों ने नीलामी के दौरान गेहूं के भाव गिरा दिए। इसी वजह से कि सानों ने हंगामा किया। व्यापारियों की मनमानी पर अंकु श लगना चाहिए।

कर्जमाफी के मुद्दे पर आज ज्ञापन सौंपेंगे किसान

कर्जमाफी, भावांतर और उपज का लागत मूल्य दिए जाने जैसे मुद्दे को लेकर कि सान एकजुट हो रहे हैं। शुक्रवार को भारतीय कि सान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कि सान दोपहर 12 बजे ज्ञापन देने पहुंचेंगे। कि सान संघ के प्रवक्ता जय पटेल ने बताया कि ज्ञापन में दो लाख रुपए की कर्जमाफी, खरीफ सोयाबीन की 500 रुपए प्रति क्विंटल भावांतर राशि देने, तहसीलों में सिंचाई से वंचित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने और उपज का लागत मूल्य तय करने की मांग रखी जाएगी। यदि सात दिन के भीतर इन मांगों पर उचित निर्णय शासन द्वारा नहीं लिया जाता है तो गांव से लेकर प्रदेशस्तर तक कि सानों द्वार आंदोलन किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network