
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में मंगलवार को भीकनगांव क्षेत्र के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। 100 से अधिक ग्रामीण अंचलों से किसान 500 से अधिक ट्रैक्टरों के साथ भीकनगांव तहसील मुख्यालय पहुंचे। टंट्या मामा भवन से शुरू हुआ जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंचा, जहां जनसभा का आयोजन किया गया।

प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि देशगांव-जुलवानिया फोरलेन मार्ग के निर्माण में प्रभावित किसानों की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित की जा रही है। शासन-प्रशासन द्वारा वर्तमान में केवल दो गुना मुआवजा दिया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि जब अन्य स्थानों पर चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है, तो यहां के किसानों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। किसानों ने बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों ने 745 करोड़ रुपये की लागत वाली बिंजलवाड़ा उद्वहन सिंचाई परियोजना का विषय प्रमुखता से उठाया। किसान नेताओं के अनुसार, योजना स्वीकृति के 10 वर्ष बीतने के बाद भी पानी खेतों तक नहीं पहुंच सका है। किसानों ने मांग रखी है कि चालू वर्ष में ही हर खेत तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

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भारतीय किसान संघ के जिला मीडिया प्रभारी नितेश सिंह मौर्य ने बताया कि प्रशासन को बार-बार आवेदन देकर अवगत कराया गया, परंतु सुनवाई नहीं हुई। इसी कारण 100 से अधिक गांवों के लगभग तीन हजार किसान ट्रैक्टरों के साथ मंडी प्रांगण पहुंचे हैं। जब तक चार गुना मुआवजा और बिंजलवाड़ा परियोजना का पानी खेतों तक नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।