
नईदुनिया न्यूज, महेश्वर (खरगोन) : लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की ऐतिहासिक नगरी की पहचान माने जाने वाले किले की प्राचीन दीवारों में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं। दीवारों की स्थिति को लेकर समाजसेवी व एडवोकेट जितेंद्र नेगी ने चिंता जताते हुए इनके संरक्षण और मरम्मत की मांग उठाई है।
उन्होंने महेश्वर संरक्षण संवर्धन-दर्शन पर्यटन संस्थान के माध्यम से कलेक्टर और खासगी चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष व प्रबंधक को पत्र सौंपा। मामले में एसडीएम पूर्वा मंडलोई ने निरीक्षण कराने की बात कही है, वहीं खासगी ट्रस्ट अध्यक्ष यशवंतराव होलकर ने किले की दीवारों की मरम्मत को योजना का हिस्सा बताया है।

किले की दीवारों में आई दरार।-नईदुनिया
नेगी ने पत्र में उल्लेख किया कि ऐतिहासिक किला केवल पत्थर और मिट्टी से बना निर्माण नहीं, बल्कि नगर की सांस्कृतिक विरासत व जनआस्था का केंद्र है। दीवारों में दिखाई दे रही दरारें और आसपास उगे पेड़ संरक्षण की आवश्यकता की ओर ध्यान दिलाते हैं। परिसर में जोखिम क्षेत्र संबंधी चेतावनी बोर्ड भी लगा है। ऐसे में समय रहते तकनीकी निरीक्षण कर कमजोर हिस्सों की स्थिति का आकलन आवश्यक है।
नेगी के अनुसार किले की धरोहरों के संरक्षण को लेकर शासन व खासगी ट्रस्ट के बीच समन्वय की आवश्यकता है। मरम्मत में प्राचीन स्थापत्य शैली और पारंपरिक निर्माण पद्धति का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि विशेषज्ञों की देखरेख में दीवारों का निरीक्षण कर दरारों, पेड़ों की जड़ों व कमजोर हिस्सों को चिह्नित किया जाए, ताकि प्राथमिकता के आधार पर कार्य हो सके।
खासगी ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताया कि खासगी ट्रस्ट व विश्व स्मारक निधि द्वारा नगर की ऐतिहासिक छत्रियों के संरक्षण व मरम्मत का कार्य जारी है। आने वाले समय में किले की दीवारों में आई दरारों की मरम्मत भी ट्रस्ट की योजना का हिस्सा है। वहीं एसडीएम ने बताया कि किले की दीवारों का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद सामने आने वाली स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।