• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • खरगोन

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Khargone Violence: मौत को सामने देखकर घर के सदस्यों को पिला दिया था गंगा जल

Khargone Violence: शोर न हो, इसलिए मैंने अपने 18 माह के बेटे का मुंह दबाया।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 17 Apr 2022 11:52:17 AM (IST)Updated Date: Sun, 17 Apr 2022 11:55:15 AM (IST)
Khargone Violence: मौत को सामने देखकर घर के सदस्यों को पिला दिया था गंगा जल

Khargone Violence: विवेक पाराशर, खरगोन। रामनवमी पर 10 अप्रैल का खौफनाक मंजर हमारा परिवार पूरी जिंदगी भूल नहीं सकता है। घर से लगे मुस्लिम क्षेत्र के करीब 200 लोगों ने हमारे यहां हमला बोल दिया। लोहे की जाली का दरवाजा खोल दिया और लकड़ी के दरवाजे पर बड़े-बड़े पत्थर बरसाए। पहले पेट्रोल बम से आग लगाने की कोशिश की, फिर विद्युत मीटर को तोड़ स्पार्किंग कर आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान मैं, मेरी पत्नी, बेटा और वृद्ध मां घर पर थे। 18 माह का बेटा जय शोर ना कर दे इसलिए मैंने उसका मुंह दबाया। यही घटनाक्रम 30 साल पहले जब मैं चार साल का था, हुआ था। उस समय भी दंगाई बाहर से हमला कर रहे थे और जब मैं खिड़की से झांकने गया तो पिता ने मुंह दबा दिया था, ताकि शोर से बाहर पता ना चल जाए कि अंदर कोई है।

इस बार बाहर हो रहे उत्पात से यूं लगा कि अब हम नहीं बचेंगे। इसके चलते मैंने पूरे परिवार को गंगा जल पिला दिया और खुद भी पी लिया, ताकि हिंदू मान्यता के अनुसार मरने से पहले मुंह में गंगा जल हो तो मोक्ष मिल जाए। यह ईश्वर की ही कृपा थी कि हम बच गए। इस खौफनाक मंजर की कहानी नईदुनिया को शहर के जमींदार मोहल्ला निवासी 34 वर्षीय नीरज भावसार ने सुनाई। नीरज ने बताया कि रामनवमी के दिन माता पूजन होने से मैं घर ही था।


शाम को बाहर खड़ा था और मोबाइल पर तालाब चौक में कुछ विवाद होने की सूचना मिली। घर में पत्नी दिव्या, बेटा जय और मां शिरोमणी भावसार मौजूद थे। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम परिवार के लोग भी बाहर ही थे, तो मैंने उन्हें कहा कि अंदर हो जाओ, माहौल बिगड़ रहा है, लेकिन कुछ देर बाद पड़ोसी ही दंगाइयों के साथ मिलकर मेरे घर पर पथराव कर रहे थे, जबकि न तो मैं शोभायात्रा में गया था और न ही हमारी किसी से दुश्मनी है।