Navagraha Lok Khargone: खरगोन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 दिसंबर को मेला ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में नगर के नवग्रह मंदिर कारिडोर निर्माण की घोषणा की थी। इसी घोषणा को पूरा करने के लिए नगर पालिका द्वारा आर्किटेक्ट एजेंसी नियुक्त की गई। एजेंसी द्वारा प्रारंभिक डीपीआर प्रस्तुतिकरण शनिवार को नगर के गणमान्य और जनप्रतिनिधियों के समक्ष कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में किया। बैठक के दौरान कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने कहा कि खरगोन नगर के विकास का सही समय आ गया है। गणमान्य नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल कर पुनः डीपीआर बनाई जाएगी। बैठक में पूर्व कृषि राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी, उपाध्यक्ष भोलू कर्मा, सांसद प्रतिनिधि कल्याण अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि दिनेश पटेल, पार्टी जिलाध्यक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व मप्र पाठ्य पुस्तक निगम उपाध्यक्ष भागीरथ कुमरावत, नवग्रह मंदिर पुजारी लोकेश जागीरदार सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रारंभिक डीपीआर में ऐसा है नवगृह लोक कारिडोर कार्य कर रही एजेंसी की आर्किटेक्ट श्रुति पुरोहित ने प्रारंभिक डीपीआर में प्रस्तावित रूपरेखा रखी। नियुक्त एजेंसी ने अब तक उप्र में चोरी-चोरा में शहीद स्मारक सहित इंदौर में अनेकों जीर्णोद्धार व छप्पन दुकान का निर्माण किया है। उसी एजेंसी के पास नवग्रह मंदिर कारिडोर का भी कार्य किया जा रहा है।
प्रस्तावित कारिडोर में दो व चार पहिया पार्किंग, नवग्रह लोक पब्लिक प्लाजा, हवन कुंड, इंट्री व एग्जिट प्लाजा, शाप, गार्डन, रिवर फेसिंग रेस्टोरेंट, यूनिक डेक, प्रसाद हाल और नवग्रह लोक आदि का प्रावधान शामिल हैं। यहां नवग्रह लोक में 9 ग्रहों को एक व्यवस्थित स्वरूप में ग्रहों की विशेषताओं के अलावा विशेष रूप में निखारा जाएगा। जो मुख्य आकर्षण होगा। वहीं नवग्रह गार्डन भी ग्रहों और भारतीयता को दर्शाते हुए मौसम आधारित रंग, फूल और विशेषताओं वाले होंगे, जो नवग्रहों से समानता रखते हैं। एजेंसी ने यहां एक लाइट एंड साउंड शो का भी प्रावधान किया है।
बैठक के दौरान नगर के गणमान्य नागरिकों ने कारिडोर की सुंदरता और सुविधाजनक होने के साथ ही विशेष अवसरों पर आने वाले श्रद्धालुओं तथा मेले के समय का विशेष उल्लेख करते हुए सुझाव दिए। साथ ही प्रवेश मार्ग पश्चिम की ओर न रखते हुए अन्य दिशा से प्रवेश पर जोर दिया। वहीं पार्किंग के लिए कारिडोर में स्थान न देते हुए पोल फैक्टरी में रखने के भी सुझाव आए। नवग्रह मंदिर में पितृशांति के लिए उचित स्थान, प्रवेश द्वार पर बड़ा घंटाल, यदि पुराने मंदिर उपयुक्त हो तो ही रखने, जल-मल कारिडोर से बाहर की ओर नदी में न प्रवाहित करते हुए अलग स्थान पर प्रवाहित करने, पैदल यात्रियों के लिए अलग प्रवेश द्वार, सत्यनारायण पूजा स्थल तथा मेले और मंदिर की पार्किंग अलग-अलग करने के भी सुझाव आए। इसके अलावा यहां प्लेटोरियम बनाने, नदी किनारे की ओर से प्रवेश द्वार रखने के सुझाव दिए गए।