
मंडलेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। संपूर्ण जिले में पिछले डेढ़ माह से लाकडाउन जारी है। किराना, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक व्यवसायी शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के तहत अपना व्यवसाय बंद कर जैसे-तैसे अपने दिन गुजार रहे हैं। स्थानीय प्रशासन छोटे फुटकर व्यापारियों, फल व सब्जी ठेला संचालकों पर लाकडाउन के उल्लंघन के तहत कार्रवाई कर रहा है। पुलिस की सख्ती सिर्फ छोटे व्यवसायियों पर ही दिखाई दे रही है, जबकि अवैध व्यवसाय करने वाले पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। लाकडाउन का फायदा उठाकर रेत माफिया ने धड़ल्ले से रेत का अवैध खनन जारी रखा।
प्रशासनिक स्तर के सभी अधिकारी, कर्मचारी की कोविड में लगी ड्यूटी का फायदा रेत माफिया ने भरपूर उठाया। नगर के कसरावद फाटे से रेत के कंटेनर बिना रायल्टी के बिना किसी रोक टोक के गुजरे। कसरावद फाटे पर ही पुलिस ने नाका लगा रखा है। साथ ही वहां हमेशा कर्मचारियों की टीम तैनात रहती है। इस स्थिति में भी पुलिस को इन भारी वाहनों को कभी रोकते हुए नहीं देखा।
कैप्सूल कंटेनरों का यातायात बढ़ा
लाकडाउन के पूर्व कैप्सूल कंटेनर का यातायात प्रतिदिन 10-15 वाहन प्रतिदिन हुआ करता था। जो लाकडाउन में बढ़कर 20-30 वाहन प्रतिदिन हो गया है। इस तरह के भारी वाहनों को दिन में आवागमन की अनुमति नहीं है। नागरिकों ने शांति समिति की बैठक सहित अन्य सभी स्थानों पर पुलिस प्रशासन से इन कैप्सूल कंटेनरों के यातायात पर रोक लगाने के मांग की। परंतु इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। पूर्व में नगर के बस स्टैंड चौक पर तेज गति से चल रहे कंटेनर से हादसा हो चुका है। नगर के छोटे व्यवसायी पुलिस के लिए चलानी कार्रवाई के केंद्र बिंदु बन गए हैं। छोटे व्यवसायियों पर प्रतिदिन की जा रही चलानी कार्रवाई से नगर की जनता में रोष है। इसके पहले नागरिकों ने अवैध शराब विक्रय की भी शिकायत की थी।
भारी वाहनों को रोककर चेकिंग करने का निर्देश नहीं है। रेत के अवैध परिवहन को रोकने की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है। वहीं अवैध शराब के परिवहन की जब भी कोई जानकारी मिलती है कार्रवाई की जाती है। यदि आप के पास भी कोई जानकारी हो तो मुझे अवगत कराएं। मैं खुद कार्रवाई करूंगा। बाकी रही बात छोटे दुकानदारों या ठेले वालों की तो उनके लिए समय निर्धारित किया गया है। उसके बाद ही कार्रवाई के निर्देश हैं।
-ध्रुवकुमारसिंह चौहान, एसडीओपी, मंडलेश्वर