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खरगोन में भीकनगांव कृषि उपज मंडी में 1800 से अधिक वाहन पहुंचे, दो घंटे लगा जाम, एक घंटे फंसी एंबुलेंस

कृषि उपज मंडी में किसानों की उपज लेकर पहुंचे वाहनों से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लगातार दो दिन मंडी बंद रहने की सूचना के चलते गुरुवार को मंड...और पढ़ें

By Manoj BhatoreEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 10:17:00 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 10:17:00 AM (IST)
खरगोन में भीकनगांव कृषि उपज मंडी में 1800 से अधिक वाहन पहुंचे, दो घंटे लगा जाम, एक घंटे फंसी एंबुलेंस
भीकनगांव. 1800 से अधिक वाहन पहुंचने से मंडी का परिसर छोटा पड़ गया। -सान्निध्य पाराशर

HighLights

  1. कपास व गल्ला मंडी अलग करने की मांग तेज
  2. अस्पताल, बैंक व स्कूल पहुंच मार्ग पर दिनभर बनी रही अव्यवस्था
  3. परिसर छोटा पड़ने से वाहनों की लंबी कतारें बाहर मुख्य सड़कों पर लग गईं

नईदुनिया न्यूज, भीकनगांव (खरगोन) : कृषि उपज मंडी में किसानों की उपज लेकर पहुंचे वाहनों से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लगातार दो दिन मंडी बंद रहने की सूचना के चलते गुरुवार को मंडी में 1800 से अधिक बैलगाड़ियां व अन्य वाहन पहुंचे तो व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं।

परिसर छोटा पड़ने से वाहनों की लंबी कतारें बाहर मुख्य सड़कों पर लग गईं। मंडी मार्ग, खंडवा-वडोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग व झिरन्या मार्ग पर करीब दो घंटे तक वाहन रेंगते रहे। इस दौरान मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस भी जाम में एक घंटे तक फंसी रही। सायरन बजता रहा, लेकिन रास्ता नहीं मिला।


अंततः स्थानीय लोगों के सहयोग से एंबुलेंस को निकाला जा सका। जाम का असर आसपास संचालित पांच बैंकों, शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, मार्केटिंग सोसायटी, शासकीय अस्पताल व जीनिंग फैक्ट्रियों के आवागमन पर भी पड़ा। विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों व आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वाहनों का दबाव बढ़ता है और सड़क पर जाम लगता है

यह कोई पहली बार पैदा हुई समस्या नहीं है। हर साल मंडी में उपज की भारी आवक होती है, वाहनों का दबाव बढ़ता है और सड़क पर जाम लगता है। इसके बावजूद अब तक स्थायी पार्किंग और प्रभावी यातायात प्रबंधन की व्यवस्था नहीं बन पाई। सवाल यह है कि जब हर साल यह स्थिति बनती है तो मंडी प्रशासन ने इससे निपटने के लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं की? क्या व्यवस्था बनाने के लिए हर बार जाम लगने और लोगों के परेशान होने का इंतजार किया जाएगा?

दो दिन अवकाश की सूचना पर उमड़ी भीड़

मंडी समिति के अनुसार व्यापारी एसोसिएशन के आवेदन पर शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या व रविवार को अग्रसेन जयंती के कारण नीलामी कार्य बंद रहेगा। लगातार दो दिन मंडी बंद रहने की पूर्व सूचना के कारण गुरुवार को ही बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंचे, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई। नागरिकों व किसानों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए कपास व गल्ला मंडी को अलग-अलग स्थानों पर स्थानांतरित करना आवश्यक है। केवल जाम के बाद पुलिस बुलाना हल नहीं है। वाहनों की संख्या व पार्किंग की उपलब्धता को देखते हुए पहले से ठोस योजना बनाना जरूरी है।

सायरन बजाती रही एंबुलेंस, नहीं मिला रास्ता

एंबुलेंस पायलट सत्येंद्र पाटिल ने बताया कि दोपहर करीब 12.30 बजे शासकीय अस्पताल से मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मंडी रोड पर जाम में फंसने से मरीज को घबराहट व जी मचलने की शिकायत होने लगी थी। सायरन बजाने के बावजूद रास्ता नहीं मिला, जिसे नागरिकों की मदद से बाहर निकाला गया। इस मामले में एसडीएम लोकेश छापरे ने बताया कि आगामी दो दिन मंडी बंद रहने के कारण गुरुवार को अधिक वाहन पहुंचे थे। समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

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