
नईदुनिया न्यूज, भगवानपुरा। तहसील मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर स्थित ग्राम करही में कुंदा नदी पर पुल न होने से विकट स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण और स्कूली बच्चे रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को विवश हैं। बच्चे सिर पर बस्ता रखकर उफनती नदी के बीच से गुजरते हैं।
मुख्यालय के विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ ग्रामीणों को भी दैनिक राशन, घरेलू सामग्री व कृषि उपज ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण महादेव बड़ोले, प्रकाश बड़ोले, प्रदीप बड़ोले, श्रीराम बड़ोले, नारायण बड़ोले आदि ने बताया कि बारिश के चार महीनों में हालात अत्यधिक खराब हो जाते हैं। उफान आते ही कट जाता है संपर्क नदी में उफान आते ही गांव का सीधा संपर्क टूट जाता है।
ऐसी स्थिति में ग्रामीणों व विद्यार्थियों को आठ से नौ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।
सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों व रोगियों को होती है। इन्हें समय पर चिकित्सालय ले जाना चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि करही में शीघ्र पुल का निर्माण कराया जाए ताकि आसपास की तीन-चार फालियों के ग्रामीण सीधे मुख्यालय से जुड़ सकें।
यहां तैरकर नदी पार करने की मजबूरी जनपद क्षेत्र के केवल करही में ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी पुल-पुलिया के अभाव में आवागमन प्रभावित है। पीपलझोपा के राजमली, धरमपुरी के डोंगल्यापानी और वढ़िया-गोपालपुरा के बीच कुंदा नदी पर पुल न होने से ग्रामीण तैरकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से इन प्रमुख मार्गों पर शीघ्र पुल निर्माण की मांग की है। विभाग को पत्र लिखेंगे पंचायत स्तर से पुल निर्माण के प्रयास करेंगे। यह संभव नहीं हुआ तो संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
- कंचन डोंगरे, सीईओ जनपद पंचायत भगवानपुरा