
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आई महेश्वर की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा के जन्म प्रमाण-पत्र का मामला चर्चा में है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में उसके नाबालिग होने के प्रमाण मिलने के बाद नगर परिषद द्वारा नायब तहसीलदार की अनुशंसा पर जारी उसके जन्म प्रमाण-पत्र को निरस्त कर दिया गया।
सीएमओ पर एक्शन
वहीं, महेश्वर नगर परिषद सीएमओ प्रियंक पंड्या को भी हटा दिया गया है। उन्हें धार जिले की धामनोद नगर परिषद में पदस्थ किया गया है। उनका कहना है कि यह प्रमाण-पत्र लड़की के माता-पिता ने शपथ पत्र देकर बनवाया था, जानकारी असत्य पाए जाने के बाद उसे निरस्त कर दिया गया है।
महेश्वर पुलिस ने 25 मार्च को ही मामले में अपहरण की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया था, लेकिन नाबालिग को दस्तयाब करने या आरोपित की गिरफ्तारी संबंधी प्रयास सामने नहीं आए। बताया जा रहा है कि वायरल गर्ल का पासपोर्ट भी इसी जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर बना है।
उल्लेखनीय है कि महेश्वर की वायरल गर्ल और उत्तर प्रदेश के मोहम्मद फरमान की शादी 11 मार्च को केरल में हुई थी। जिसके बाद स्वजन सहित फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उसके नाबालिग होने की शिकायतें की थीं।
आयोग में शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट प्रथम दुबे ने 17 मार्च को आयोग में शिकायत की। आयोग की रिपोर्ट के बाद सबसे पहले मध्य प्रदेश और केरल के डीजीपी से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई। जवाब नहीं मिलने पर 19 मार्च को जांच टीम गठित की गई।
इसमें आयोग के डायरेक्टर डा. पी. कल्याण रेड्डी व प्रकाश कुमार उइके शामिल थे। आयोग अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने कहा कि प्रकरण आयोग में दर्ज हो चुका है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी है।
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