
डिजिटल डेस्क। प्रयागराज महाकुंभ 2025 से 'इंटरनेट सेंसेशन' बनीं मोनालिसा भोसले एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोनालिसा ने अपने प्रेमी फरमान खान के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री नैनार देवा मंदिर में शादी कर ली है।
परिवार के कड़े विरोध के बीच, इस जोड़े ने पुलिस सुरक्षा के साये में सात फेरे लिए। 18 वर्षीय मोनालिसा ने अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने के अधिकार का हवाला देते हुए पुलिस से मदद मांगी थी।

फरमान खान महाराष्ट्र के एक उभरते हुए अभिनेता और मॉडल हैं। वे पिछले कुछ समय से रीजनल सिनेमा और विभिन्न मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स में सक्रिय रहे हैं। कला क्षेत्र से जुड़े होने के कारण ही उनकी पहचान फिल्म जगत के गलियारों में बनी। वर्तमान में वे मोनालिसा के साथ एक फिल्म प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं, जहाँ से उनकी नजदीकियां और बढ़ीं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र के रहने वाले अभिनेता और मॉडल फरमान खान और मोनालिसा की मुलाकात करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई।
हालांकि, मोनालिसा के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन पर किसी दूर के रिश्तेदार से शादी करने का दबाव बना रहे थे। इसी विरोध के चलते दोनों ने केरल जाकर शादी करने का फैसला किया।
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मोनालिसा भोसले तब चर्चा में आई थीं जब महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। उनकी सादगी ने देशभर का दिल जीत लिया और उन्हें 'मोनालिसा' नाम मिला।
वर्तमान में वह अपनी पहली मलयालम फिल्म 'नागम्मा' की शूटिंग कर रही थीं। एक साधारण माला बेचने वाली लड़की से अभिनेत्री बनने तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।
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विवाद तब गहराया जब मोनालिसा के पिता उन्हें फिल्म 'नागम्मा' के सेट से जबरन वापस घर ले जाने की कोशिश करने लगे। सुरक्षा के लिए मोनालिसा और फरमान तिरुवनंतपुरम के थम्पानूर पुलिस स्टेशन पहुंचे। मोनालिसा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता उनकी इच्छा के विरुद्ध शादी कराना चाहते हैं।
पुलिस ने जांच में पाया कि मोनालिसा बालिग (18 वर्ष) हैं, जिसके बाद उन्हें अपनी पसंद से शादी करने की अनुमति दी गई और उनके पिता को वापस भेज दिया गया।

पुलिस और फिल्म क्रू के समर्थन के बाद, दोनों ने अरुमनूर के श्री नैनार देवा मंदिर में विवाह रचाया। बताया जा रहा है कि इस सादे समारोह में कुछ स्थानीय नेता और राजनीतिक हस्तियां भी आशीर्वाद देने पहुँचीं। इस अंतर-धार्मिक विवाह ने अब देशभर में व्यक्तिगत पसंद और युवाओं के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।