खरगोन(नईदुनिया न्यूज)। निमाड़ के लोक कलाकार इन दिनों काठी नृत्य के माध्यम से शिव पार्वती की आराधना कर रहे हैं। ग्राम तलकपुरा की मंडली के हीरालाल मौर्य ने बताया कि गांव-गांव घर-घर जाकर मातृशक्ति पार्वती की पूजा स्तुति के गीत निमाड़ी बोली में गाते हैं। बदले में ग्रामीण अन्ना-वस्त्र दान देते हैं जो इनकी जीविका का आधार होता है। देव प्रबोधिनी एकादशी से प्रारंभ होकर महाशिवरात्रि तक चार माह चलने वाला यह पवित्र नृत्य अनुष्ठान पचमढ़ी के महादेव मंदिर में समाप्त होता है। सुविधा अनुसार दल बीजागढ़ महादेव, सिरवेल महादेव आदि मंदिरों में भी समापन करते रहे हैं। काठी लोकनाट्य के नर्तक दल निमाड़ में अनेक गांवों में फैले हुए हैं। इन चार माह के अलावा बाकी समय में नर्तक दल मेहनत-मजदूरी करके जीवन-यापन करते हैं।
बांस से सजाई जाती है काठी
नृत्य दल द्वारा बांस से काठी सजाई जाती है। इसका कपड़े, मोरपंख से श्रृंगार कर पूजन किया जाता है। इसके पश्चात समूह के सदस्य चटख रंग की वेशभूषा पहनते हैं। इसे बागा कहते हैं। दल में शामिल बड़ा भगत तथा सहायक नर्तक को छोटा भगत कहा जाता है। इनके अलावा एक व्यक्ति सजी-धजी काठी माता को उठा कर नर्तक दल के साथ चलता है। इसे रजाल्या (सेवक) कहते हैं। संगीत के लिए मुख्य वाद्य यंत्र ढाक होता है जो छोटी झुग्गी के आकार का होता है। इसके साथ पीतल की थाली को तालबद्ध बजाया जाता है। काठी गीतों की कथा वस्तु पौराणिक ऐतिहासिक होती है।
जयेश का किया सम्मान
नांद्रा(नईदुनिया न्यूज)। ग्राम के किसान हेमंत पाटीदार के पुत्र जयेश पाटीदार ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की। हाल ही में जयेश का प्लेसमेंट ड्रीम 11 (क्रिकेट फैंटसी स्पोर्ट्स लीग) में सालाना 35 लाख रुपये के पैकेज पर हुआ है। उल्लेखनीय है कि जयेश का पिछले वर्ष गेट एग्जाम (आल इंडिया रैंक-312) के माध्यम से आइआइटी कानपुर में एमटेक कंप्यूटर साइंस के लिए चयन हुआ था। जयेश के आगमन पर समाजजनों व ग्रामीणों ने जगह-जगह ढोल ताशों के साथ स्वागत किया। प्रतिभा सम्मान मंच व ग्रामीणों ने समारोह आयोजित कर उनका सम्मान किया। जयेश ने सफलता का श्रेय खुद के परिश्रम और माता-पिता के त्याग और समर्पण को दिया। समारोह में डिप्टी कलेक्टर धार रोशनी पाटीदार, सुनील सिंगुने, अजय कटारिया, राधेश्याम कटारिया, कैलाश मामा, भगवान गलबल, देवेंद्र कटारिया, कृष्णकांत मुकाती, बालकृष्ण गलबल, राजेंद्र कटारिया, मिश्रीलाल गलबल, रवि सोलंकी, प्रवीण वर्मा, नारायणसिंह चौहान, जितेंद्र वर्मा आदि मौजूद थे।