
मंडला। जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर ग्राम बम्हनी बंजर के वार्ड क्रमांक 13 टिकरी टोला में डेंगू बीमारी फैलने की खबर से लोगों में भय का माहौल है। यहां पर लगभग हर घर में लोग हाथ-पैर में दर्द व बुखार से पीड़ित हैं। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती टिकरी टोला निवासी अधेड़ जमुना प्रसाद की रविवार को मौत हो गई। इससे लोग और भयभीत हो गए हैं। हालांकि जमुना की मौत मलेरिया से होना बताया गया है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लेने का दावा कर रहा है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मंडला पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए डेंगू पीड़ित अब सामने नहीं आए हैं। ग्राम में लार्वा सर्वे व फागिंग कराई जा रही है।
जमना के पेट में था दर्द
जिला अस्पताल में टिकरी टोला के भर्ती मरीज जमुना प्रसाद कुमरे 46 वर्ष की मौत हो गई। इसकी मौत मलेरिया पाजीटिव से होना बताया गया है। यह वार्ड क्रमांक 14 का निवासी बताया गया है। मृतक की भांजी साधना ने बताया कि मामा को पेट में दर्द हुआ तो और कांप रहा था। उसे बम्हनी में भर्ती कराया था। जहां से शनिवार को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया और रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों ने किया भ्रमण
टिकरी टोला में डेंगू फैलने की खबर से स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं। यहां डेंगू फैलने व कुछ मौत होने की खबर जो कि डेगूॅ से नहीं होना बताया गया है। फिर भी मौके पर आईसीएमआर जबलपुर व डिप्टी डायरेक्टर वाईएस ठाकुर स्वास्थ्य विभाग मंडला पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने सुबह के वक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को देखा और फिर टिकरीटोला ग्राम पहुंचे। यहां पर लोगों से मिले और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। नगरपंचायत को साफ-सफाई के लिए हिदातय दी गई। सीएमचओ केसी मेश्राम भी टिकरीटोला व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीजों का देखा।
आईसीएमआर टीम ले गई 50 सेंपल
जबलपुर से आईसीएमआर की टीम टिकरी टोला पहुंची। यहां बुखार से पीड़ित 50 मरीजों की जांच की और सेंपल लिया। इन मरीजों की जांच उपरांत कितने मरीज डेंगू पीड़ित हैं। यह जानकारी हासिल हो सकेगी। हांलाकि जिला चिकित्सालय में भी किट से परीक्षण किए जाते हैं। यहां 24 संभावित डेंगू मरीज बताए जा रहे हैं, जिसे आईसीएमआर नहीं मानती है।
वार्ड क्रमांक 15 में मिले लार्वा
स्वास्थ्य अमले द्वारा जहां वार्ड क्रमांक 13 में सब नियंत्रण में होने की बात कही जा रही वहीं इससे लगे वार्ड 14 में मलेरिया पाजीटिव रोगी की मौत हो गई है। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 15 में जब मलेरिया अधिकारी एवं डॉ. जेसी पालीवाल स्टेट कंसंलटेंट ने भ्रमण किया तो दो घरों में लार्वा मिले। इनका विनष्टीकरण कराया गया।
विधायक भी भय के साए में
वार्ड क्रमांक 14 में मलेरिया रोगी की मौत हो जाने से इस वार्ड में निवासरत विधायक संजीव उइके भी भय के साए में हैं। इनका कहना था कि वार्ड क्रमांक 13 में डेंगू तो फैला ही है। बम्हनी बंजर में करीब 15 दिनों में 5 से अधिक मौतें हुई हैं। हो सकता है विभिन्न कारणों से मौत हुई है। लेकिन हम सभी में चिंता छा गई है। शासन-प्रशासन को चाहिए कि विशेषज्ञ चिकित्सकों को हर वार्ड में शिविर लगाया जाए और त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराया जाए। जिससे डेंगू को फैलने से रोका जा सके। वहीं ग्राम पंचायत के वार्डों में फैली गंदगी की साफ सफाई भी कराई जाए। जिससे जमा गंदगी में लार्वा न पनप सकें।
11 नए मरीज भर्ती कराए गए
बम्हनी बंजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को 11 नए मरीज भर्ती कराए गए। वहीं जिला चिकित्सालयम में करीब 20 मरीज ईलाजरत हैं।
नालियों में जमा है गंदगी
वार्ड क्रमांक 14 व 15 में साफ-सफाई का आभाव है। यहां के वासियों ने बताया कि नालियों चोक है। सफाई होती नहीं। कभी झाडू नहीं लगती। नालियों की सफाई न होने से लार्वा पनपने का खतरा रहता है। वार्ड क्रमांक 14 के ओमकार प्रसाद दुबे, हनुमत उइके ने बताया कि सफाई होती ही नहीं है। गंदगी बनी रहती है। वार्ड नंबर 15 के दिलीप कुमार ने बताया कि घर के सामने की नाली चोक है। सफाई नहीं की जाती है।
उपस्वास्थ्य केंद्र में नहीं रहते डाक्टर
जब टिकरीटोला में डेंगू पैर पसार रहा है। ऐसे में यहां के उप स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर की तैनाती होना चाहिए, लेकिन यहां रात में डाक्टर नहीं रहते। वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद अजय राय ने बताया कि रविवार शाम वे उपस्वास्थ्य केंद्र गए तो वहां कोई डाक्टर नहीं मिले। केवल नर्स ही उपस्थित थी। ऐसे आपातकालीन समय में चिकित्सकों की उपस्थिति होना चाहिए।