• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • मंडला

मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, एंबुलेंस न मिलने से महिला समेत गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत

मंडला में प्रसव पीड़ा के दौरान 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुई। परिजन निजी वाहन से महिला को अस्पताल लाए, जहां गर्भवती महिला और गर्भ में जुड़वा बच्चों की ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 12:25:56 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 12:25:56 PM (IST)
मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल, एंबुलेंस न मिलने से महिला समेत गर्भ में जुड़वा बच्चों की मौत
मंडला में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल। (नईदुनिया)

HighLights

  1. प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया।
  2. एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर परिवार ने निजी वाहन बुलाया।
  3. खराब सड़क के कारण अस्पताल पहुंचने में काफी देरी हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला: आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और बदहाल रास्तों के कारण एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो गई। विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम सलैया निवासी 28 वर्षीय रुक्मणी नरेती को डिलीवरी के लिए पीड़ा होने पर उनके स्वजनों ने जननी एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी।

108 एंबुलेंस ने किया था इनकार, खराब रास्ते से हुई देरी

  • मृतिका के पति प्रीतम नरेती ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं और रुक्मणी को शाम करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्होंने मदद के लिए 108 जननी एम्बुलेंस को सूचना दी। 108 के ऑपरेटर ने उन्हें जवाब दिया कि उनके पास अभी कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं है, इसलिए वे अपने किसी निजी साधन से मरीज को ले जाएं। इसके बाद परिवार ने गांव से ही एक गाड़ी बुलवाई।

  • मृतिका के पति प्रीतम नरेती ने बताया कि सड़क का रास्ता बहुत खराब था, जिसके कारण चालक को बहुत धीरे-धीरे गाड़ी लानी पड़ी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। प्रीतम का आरोप है कि 108 एंबुलेंस की कमी और समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने की वजह से यह घटना घटी।
  • सिकल सेल बीमारी से पीडि़त थी महिला

    शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी के चिकित्सा अधिकारी डा. अक्षय हरदाह ने बताया कि यह महिला पहले से ही सिकल सेल बीमारी से पीडि़त थी। महिला के पति और परिवार के सदस्य उसे शाम 5.10 बजे अस्पताल लेकर आए थे। जांच के बाद शाम 5.25 बजे महिला को मृत घोषित कर दिया गया और इसकी सूचना स्थानीय थाने को दे दी गई है।

    गर्भ में थे जुड़वा बच्चे

    डॉ. हरदाह ने बताया कि महिला नियमित रूप से चेकअप के लिए अस्पताल आती थी, जिसे समय-समय पर जिला अस्पताल मंडला और मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर भी किया गया था। सोनोग्राफी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि महिला के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। अस्पताल में जांच के दौरान बच्चों की भी जांच की गई, लेकिन उनमें सांस या हृदय की कोई गति नहीं थी, जिसके कारण गर्भ में ही दोनों बच्चों की भी मृत्यु हो गई।

    इनका कहना है

    108 एंबुलेंस का संचालन और आवंटन सीधे भोपाल से होता है। 108 पर कॉल करने के बाद एंबुलेंस भेजने की प्रक्रिया में स्थानीय अस्पताल का कोई योगदान या नियंत्रण नहीं होता है। डा. अक्षय हरदाह, चिकित्सा अधिकारी, बीजाडांडी

    यह भी पढ़ें- उज्जैन से लौटे मंडला के युवक की मलेरिया से मौत, राखी बंधवाने कुछ दिन पहले आया था