
शामग़ढ़(मंदसौर)। कोटा रेल मंडल के वाणिज्यिक विभाग की टीम ने जामनगर-जम्मूतवी एक्सप्रेस की पेंट्री कार में छापामार कार्रवाई कर बिना लायसेंस काम कर रहे 9 वेंडरों को पकड़ा तो पेंट्री कार प्रबंधक ने रेलवे अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देकर झूमाझटकी भी की। इस पर आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में 6 वेंडरों से 13 हजार 500 रुपए का जुर्माना भी वसूल किया गया।
कोटा रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम ने शामगढ़ में जामनगर-जम्मूतवी एक्सप्रेस के पेंट्री कार कोच में छापामार कार्रवाई की। यहां बिना लायसेंस के 9 वेंडर काम करते हुए मिले। उनका बचाव करते हुए पेंट्री कार मैनेजर उमेशसिंह ने रेलवे अधिकारियों से बहस की और उसके बाद झूमाझटकी करने लगा। अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देते हुए चार वेंडरों को मौके से भगा दिया। बाद में कोटा रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची। जहां प्रबंधक को गिरफ्तार कर धारा 332, 506 और 353 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। टीम के अधिकारियों ने 6 वेंडरों से 13 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूल किया। गुरुवार को रेलवे पुलिस ने उमेशसिंह व वैंडरों को रेलवे मजिस्ट्रेट मनीष अग्रवाल के समक्ष पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट ने सभी पर 200-200 रुपए का जुर्माना कर मैनेजर उमेशसिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा।
18 में से 9 के पास लाइसेंस नहीं
सहायक वाणिज्य प्रबंधक एसके श्रीवास्तव व नंदकिशोर मीणा ने बताया कि कार्रवाई में कुल 18 वेंडर मिले। इसमें 9 के पास लाइसेंस नहीं था। यह सभी ट्रेन में अनाधिकृत रूप से व्यवसाय कर रहे थे। रेलवे प्रशासन द्वारा आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सभी ट्रेनों में औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इस कार्रवाई में वाणिज्य विभाग की टीम में एसके श्रीवास्तव, नंदकिशोर मीणा, टिकट निरीक्षण आरपी चौरसिया सहित दो निरीक्षक शामिल थे।