
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। शामगढ़ थाने के ग्राम डूंगरखेड़ी में पुलिस की छापामार कार्रवाई में सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पकड़ी थी। शनिवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई कर दूध फैक्ट्री पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। इधर पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपितों ने बताया कि वह असली दूध में दूध पाउडर, वनस्पति घी, केमिकल मिलाकर सिंथेटिक दूध बनाते थे।
इस तरह 1 हजार लीटर दूध को 2500 लीटर दूध बना देते थे। आरोपितों ने बताया कि सिंथेटिक दूध तैयार कर मेलखेड़ा व उज्जैन जिले के घोसला में सप्लाय कर रहे थे। शामगढ़ तहसील के ग्राम डूंगरखेड़ी में बुधवार को शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय ने टीम के साथ छापामार कार्रवाई कर सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री को पकड़ा था।
मौके से 25-25 किलो के 6 कट्टे मिल्क पावडर, वनस्पति के टीन के 5 डिब्बे (प्रत्येक डिब्बे मे 15 लीटर), एक फिल्टर मिक्सर इलेक्ट्रानिक मशीन, एक गैस भट्टा, यूरिया के चार कट्टे, डीप फ्रीज, 40 लीटर की केन में लिक्विड सोप जब्त हुआ था। यहां पर दूध टेस्ट करने की 2 इलेक्ट्रानिक मशीन मिली थी।
इस मामले में पुलिस ने दो भाईयों कृष्णपालसिंह पुत्र बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत व शिवराजसिंह पुत्र बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत निवासी डूंगरखेड़ी को गिरफ्तार किया था। अब शनिवार सुबह प्रशासन ने भी कार्रवाई कर फैक्ट्री पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। डूंगरखेड़ी में आरोपितों की गिरफ्तारी व विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज होने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ। गरोठ एसडीएम राहुल चौहान की अगुआई में शनिवार अलसुबह राजस्व और पुलिस विभाग के अमले ने आरोपित कृष्णपालसिंह द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई दूध की फैक्ट्री को जमींदोज कर दिया गया।
शामगढ़ पुलिस की गिरफ्त में दोनों भाईयों कृष्णपालसिंह और शिवराजसिंह से अभी प्रारंभिक पूछताछ हुई है उसमें दोनों ने बताया है कि लगभग एक साल से सिंथेटिक दूध बनाकर बेच रहे हैं। और पूरी सप्लाय मंदसौर जिले के मेलखेड़ा और उज्जैन जिले के घोसला में कर रहे थे। वह शुद्ध दूध में मिलावट कर उसकी मात्रा दो से तीन गुना कर रहे थे। आरोपितों ने बताया कि 1000 लीटर दूध में वनस्पति घी, मिल्क पाउडर, सोप केमिकल मिलाकर उसे लगभग ढाई हजार लीटर बना देते थे। प्रतिदिन दोनों भाई सप्लाय करने जाते थे और मिल्क पाउडर से गाढ़ता बढ़ जाती और वनस्पति घी से उसमें फेट बढ़ जाता है।
नायब तहसीलदार भीमसिंह खराड़ी ने बताया कि डूंगरखेड़ी में शासकीय जमीन पर बनी डेयरी को बुलडोजर से तोड़ दिया है। वहीं कृष्णपालसिंह के नाम से डूंगरखेड़ी में मातेश्वरी मिल्क सेंटर का लाइसेंस था। उसे भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।