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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cheetah Project in MP: मध्‍य प्रदेश में कूनो के बाद अब चीतों के लिए यहां बन रहा दूसरा घर, जानें कहां तक पहुंची तैयारी

Cheetah Project in MP: मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों के लिए दूसरा घर बनाया जा रहा है। इसके लिए अभी चीतों के भोजन का भी प्रबंध किया जा र...और पढ़ें

By Bharat MandhanyaEdited By: Bharat Mandhanya
Publish Date: Tue, 09 Jan 2024 08:44:02 AM (IST)Updated Date: Wed, 10 Jan 2024 09:50:31 AM (IST)
Cheetah Project in MP: मध्‍य प्रदेश में कूनो के बाद अब चीतों के लिए यहां बन रहा दूसरा घर, जानें कहां तक पहुंची तैयारी
गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को छाड़ा जाएगा

HighLights

  1. चीतों के लिए दूसरे घर के लिए गांधीसागर हो रहा तैयार
  2. कान्हा नेशनल पार्क से लाए गए 23 चीतल-हिरण
  3. अफ्रीका से आएगी चीतों की दूसरी खेप

Cheetah Project in MP नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। कूनो नेशनल पार्क में चीतों को लाने के बाद अब दूसरा नंबर गांधी सागर अभयारण्य का है। यहां चीतों को लाने के लिए 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बाड़ा बनाकर तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा अब चीतों के भोजन के लिए चीतल व हिरण को भी लाकर छोड़ा जा रहा है।

गांधीसागर अभयारण्य में कुल 1250 चीतल-हिरण लाए जाएंगे। इसी के तहत सोमवार को कान्हा नेशनल पार्क से लाए गए 23 चीतल-हिरण को गांधीसागर अभयारण्य में बनाए बाड़े में छोड़े गए। इससे पहले भी नरसिंहगढ़ के पास वन से भी चीतल लाकर यहां छोड़े गए थे।


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चीतों के लिए बनाए गए बाड़ें

गांधीसागर अभयारण्य लगभग 300 वर्ग किमी में फैला हुआ है। यह मध्‍य प्रदेश के मंदसौर-नीमच जिले के साथ ही राजस्थान के चित्तौड़ व कोटा जिले में भी फैला हुआ है। अभी अभयारण्य में मंदसौर-नीमच वाले हिस्से में चीतों को बसाने के लिए बाड़े बनाए गए हैं। पहले इन्हीं बाड़ों में चीतों को रखा जाएगा।

फरवरी-मार्च के बाद कभी भी अफ्रीका, नामीबिया से आने वाली दूसरी खेप के चीतों को यहां रखा जाएगा। अभी इनकी संख्या कितनी होगी, यह तय नहीं हैं, पर चीतों के भोजन के लिए हिरण-चीतल को यहां लाया जा रहा है। इसके लिए बोमा तकनीक से कान्हा नेशनल पार्क, नरसिंहगढ़ अभयारण्य, वन विहार नेशनल पार्क भोपाल से चीतल-हिरण लाने का कार्य किया जा रहा हैं।

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शाजापुर से कृष्ण मृग हिरण भी लाएंगे

वन मंडल अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल पुनर्स्थापना के बाद गांधी सागर अभयारण्य बाड़ा बनकर लगभग तैयार है। लाए गए चीतल-हिरण पशु चिकित्सक की निगरानी में शाकाहारी वन्य प्राणी के लिए निर्मित 90 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ दिए हैं। कहां से कितने हिरन-चीतल आएंगे कान्हा नेशनल पार्क 500 वन विहार नेशनल पार्क भोपाल 250 नरसिंहगढ़ अभयारण्य राजगढ़ 250 शाजापुर 400 कृष्ण मृग