
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। लोकायुक्त संगठन उज्जैन की टीम ने मंगलवार शाम को कयामपुर ग्राम पंचायत के कम्प्यूटर ऑपरेटर को 6000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। ऑपरेटर प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किश्त जारी करने के नाम पर 10 हजार रुपये मांग रहा था। बाद में 8 हजार रुपये पर मान गया था। 2000 रुपये पहले ले लिए थे। बाकी के छह हजार रुपये लेते समय पकड़ा गया।
लोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद पटेल ने बताया कि 1 अक्टूबर को गोरधन उर्फ कारुलाल माली निवासी कयामपुर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी कि मेरे नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था जिसकी पहली एवं दूसरी किस्त मिल चुकी थी। तीसरी किस्त के 40,000 रुपये जारी कराने के लिए ग्राम पंचायत के कम्प्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ से मिला।
तब नाथ ने आवेदक से 10,000 रुपये रिश्वत की मांग कीl लोकायुक्त निरीक्षक हिना डाबर उज्जैन ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। रिश्वत मांग वार्ता की रिकॉर्डिंग के दौरान आरोपी दीपक नाथ आवेदक से 8000 रुपये लेने पर सहमत हो गया था और 2000 रुपये पूर्व में प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद मंगलवार को ट्रैप दल का गठन कर गोरधन माली को 6 हजार रुपये लेकर भेजा।
दल ने डिगांव-बसई मार्ग पर रूपनी चौराहे पर होटल रुद्राक्ष पर 6,000 रुपये की रिश्वत लेते आरोपित दीपक नाथ कम्प्यूटर ऑपरेटर को पकड़ लिया। ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद पटेल,निरीक्षक हिना डाबर और प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार, उमेश जाटव सहित 10 सदस्यों की टीम शामिल रही।
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