नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर : शामगढ़ तहसील के ग्राम डूंगरखेड़ी में कुछ दिन पहले पुलिस ने सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की थी। यहां से दो आरोपित भाइयो को गिरफ्तार कर काफी मात्रा में सिंथेटिक दूध बनाने की सामग्री भी जब्त की थी।
शनिवार सुबह प्रशासन ने इस फैक्ट्री पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम डूंगरखेड़ी में आरोपितों की गिरफ्तारी व विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज होने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ।
गरोठ एसडीएम राहुल चौहान की अगुआई में शनिवार अलसुबह सुबह राजस्व और पुलिस विभाग के अमले ने आरोपित कृष्णपाल सिंह के द्वारा शासकीय भूमि पर 30x20 फीट भूमि पर बनाई गई दूध की फैक्ट्री को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया गया।
जिले के राजस्थान से लगे सीमावर्ती गांवों में सिंथेटिक दूध का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। और इसे रोकने की जिम्मेदारी खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ ही जिला प्रशासन की भी पर वह बिलकुल की सुस्त है। इधर पुलिस ने छह माह में सिंथेटिक दूध की चार फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की है और लगभग 50 हजार लीटर से ज्यादा सिंथेटिक दूध बनाने जितनी सामग्री जब्त भी की है।
गुरुवार को डूंगरखेड़ी में हुई कार्रवाई के दोनों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए। वहीं सुवासरा पुलिस ने सितंबर में खेजडि़या भूप की सिंथेटिक दूध फैक्ट्री मामले में फरार दोनों आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया है। एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय एवं टीम ने बुधवार को ग्राम डूंगरखेड़ी में कृष्णपालसिंह व शिवराजसिंह के घर के बाड़े में दबिश देकर सिंथेटिक (नकली) दूध की फैक्ट्री पर कार्रवाई की थी।
मौके से 25-25 किलो के 6 कट्टे मिल्क पावडर, वनस्पति के टीन के 5 डिब्बे (प्रत्येक डिब्बे मे 15 लीटर), एक फिल्टर मिक्सर इलेक्ट्रॉनिक मशीन, एक गैस भट्टा, यूरिया के चार कट्टे, डीप फ्रीज, 40 लीटर की केन जिसमे लिक्विड सोप भरा हुआ है। दूध टेस्ट करने की 2 इलेक्ट्रॉनिक मशीन मिली थी।
इस मामले में पुलिस ने आरोपित कृष्णपालसिंह पुत्र बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत व शिवराजसिंह पुत्र बद्रीसिंह सौंधिया राजपूत निवासी डूंगरखेड़ी को गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 272,274,275,110 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। बाक्सखेजडि़या भूप में भी हुई कार्रवाई इसी तरह 27 सितंबर को सुवासरा पुलिस ने ग्राम खेजड़िया भूप में एक घर के बाड़े में चल रही सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की थी।
यहां से नकली दूध और घी बनाने की सामग्री भी जब्ती की थी। इस मामले में पुलिस ने फरार आरोपित पीरुसिंह और रामसिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इनके बाड़े से पुलिस ने 85 कट्टे मिल्क पाउडर, पाम आयल, यूरिया के 6 कट्टे, तैयार नकली घी, मशीने, गैस भट्टियां सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की थी। तब दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 272, 274 और 275 के तहत मामला दर्ज किया है।
आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर पुलिस का शिकंजा
केमिकल एवं अन्य मिलावटी पदार्थों से तैयार नकली दूध को आसपास के क्षेत्रों सहित राजस्थान के भवानीमंडी, कोटा, झालावाड़ तक सप्लाय किए जाने बात आरोपित कबूल रहे हैं। इस तरह का कारोबार आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही सिंथेटिक दूध के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है। जो कार्य जिला प्रशासन व खाद्य एवं सुरक्षा विभाग का है उसे पुलिस को करना पड़ रहा है।
अभी तक चार जगह मिल चुकी सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री
पुलिस को अब तक सुवासरा थाने के खेजडि़या भूप, गरोठ थाने के चचावदा चकोटिया, कोटड़ा बुजुर्ग व शामगढ़ थाने के डूंगरखेड़ी में सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री मिल चुकी है। खेजडि़या भूप में लगभग एक हजार लीटर नकली दूध तैयार करने जितनी सामग्री मिली थी। गांधीसागर जलाशय के डूब क्षेत्र में स्थित ग्राम चचावदा चोकटिया में एक बाड़े में सिंथेटिक दूध बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री के साथ ही लगभग 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला था। यहां मिली सामग्री से लगभग 25 हजार लीटर दूध तैयार किया जाना था।
मौके से आगरा का युवक मनीष पुत्र बैजनाथ मिला था जो खुद को केमिस्ट बताता है और गांव में ही दिनेश पुत्र मोतीलाल गुर्जर बाड़े को किराये पर लेकर यह फैक्ट्री चला रहा था। इससे पहले कोटड़ा बुजुर्ग में भी एक डेयरी से 2000 लीटर सिंथेटिक दूध, 200 लीटर केमिकल व दूध के पावडर जैसा पदार्थ मिला था। प्रारंभिक रिपोर्ट में नमूना फेल हो गया था और उसे मानव उपयोग के लिए ठीक नहीं बताया गया था इसके बाद अधिकारियों के आदेश पर वहां सील कर रखा हुआ 2000 लीटर दूध नष्ट कर दिया गया था।