
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर(Leopard in Mandsaur)। लगातार काम होते जंगल क्षेत्र का असर अब यह हो रहा है कि तेंदुए सहित वन्य प्राणी रहवासी क्षेत्र में आने लगे हैं। मंगलवार-बुधवार के दरमियानी रात में शहर के घनी बस्ती वाले क्षेत्र किटियानी में तेंदुआ विचरण करते हुए दिखा यह पूर्व मंत्री कैलाश चावला के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुआ है।
तेंदुआ मंदसौर में कहां से पहुंचा इसके लिए वन विभाग की टीम जांच कर रही है, क्योंकि यहां से गांधीसागर अभयारण्य काफी दूर है। अभयारण्य व मंदसौर के बीच गांधीसागर जलाशय का जल भराव क्षेत्र है। इतनी विशाल झील को पार कर आना तेंदुए के लिए संभव नहीं है। वन विभाग इस जांच में जुट गया है कि तेंदुआ किधर से आया होगा।

मंदसौर के रेवास देवड़ा क्षेत्र से लगा हुआ प्रतापगढ़ (राजस्थान) का सीता माता अभयारण्य है इसमे तेंदुओं की बहुलता है। इस अभयारण्य में सियार, लकड़बग्गा, नील गाय सहित अन्य वन्य प्राणी भी है जो रेवास देवड़ा के जंगल में तो घूमते रहते हैं। वन क्षेत्र में पानी की कमी होने पर अक्सर तेलिया तालाब तक भी पानी पीने आते रहते हैं। पर तेंदुआ पहली बार रहवासी क्षेत्र की तरफ आया है।

अभी तक जो कयास लगाए जा रहे हैं उनमें तेंदुआ तेलिया तालाब के आस पास खेतों से होकर महाविद्यालय के पीछे से किटियानी में पहुंच गया होगा।