मंदसौर। खानपुरा स्थित अंजुमन-ए-इस्लाम कमेटी द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य व अंजुमन कमेटी सचिव के बीच विवाद अब तेज हो गया है। सचिव ने प्राचार्य पर डेढ़ करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए सोमवार को स्कूल से बाहर जाने को कहा। इसे लेकर वहां बवाल हो गया।

प्राचार्य ने स्कूल की छुट्टी कर दी और बच्चों ने भी जमकर नारेबाजी की। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ संगठनों ने पुलिस में शिकायत कर देश विरोधी नारे लगाने का आरोप भी लगाया। वहीं प्राचार्य व अन्य लोगों का कहना है बच्चे साबिर सर जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। सीएसपी ने पूरे मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है।

खानपुरा में अंजुमन-ए-इस्लाम द्वारा मदरसा अनवारूल उलूम हायर सेकंडरी स्कूल हिंदी व अंग्रेजी माध्यम में संचालित किया जा रहा है। यहां कुछ दिनों से कमेटी व प्राचार्य मो. साबिर हुसैन पानवाला के बीच तनातनी चल रही थी। कमेटी सचिव मो. हुसैन रिसालदार ने प्राचार्य की शिकायत पहले भी कलेक्टर से भी की है। उनका कहना है कि प्राचार्य ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया है। उनका कहना है कि प्राचार्य साबिर पानवाला ने शासन से मिलने वाली अनुदान की राशि भी हजम कर दी है।

इसके साथ ही अलग-अलग स्कूलों के नाम से रजिस्ट्रेशन भी करा रखा है। सचिव का कहना है कि भ्रष्टाचार को लेकर हमारी कमेटी की बैठक में साबिर पानवाला को प्राचार्य पद से कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया था। उनको लेटर भी भेजा था तो नहीं लिया। इसी बात को लेकर कमेटी के सचिव सहित कुछ लोग सोमवार को स्कूल पहुंचे। वहां प्राचार्य मो. साबिर हुसैन पानवाला को को कुर्सी छोड़ने का बोला और स्कूल से चले जाने को कहा। इस बात पर दोनों पक्षों मेें तनातनी भी हुई।

इधर प्राचार्य के सहयोगियों ने स्कूल की छुट्टी कर दी और प्राचार्य के पक्ष में नारेबाजी करने को कहा। तो बच्चे जमकर नारेबाजी करने लगे। विवाद की खबर मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और बच्चों द्वारा की जा रही नारेबाजी का वीडियो भी बनाया। बाद में दोनों पक्षों को अपने साथ पुलिस कंट्रोल रूम ले गए। वहां दोपहर बाद तक दोनों पक्षों मेें गहमा-गहमी का वातावरण बना रहा।

नारे क्या लगे, सबकी अपनी-अपनी बात

स्कूल में बच्चों द्वारा की गई नारेबाजी का वीडिया वायरल होने के बाद सभी अपने-अपने हिसाब से इसके अर्थ लगाने लगे। कुछ लोगोें का कहना था कि बच्चों ने देश विरोधी नारे लगाए। वहीं मदरसे के प्राचार्य व अन्य लोगों का कहना है कि बच्चे साबिर सर जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। कुछ संगठनों ने कहा है कि बच्चों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए, जो गंभीर बात है। इसकी जांच होना चाहिए। इस मामले में शिकायत कर जांच की भी मांग की है।

बदनाम कर रहे

भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाकर मुझे बदनाम किया जा रहा है। सोमवार को अंजुमन कमेटी के निलंबित सचिव हाजी मो. हुसैन रिसालदार, बाबू बुलगड़ी तथा रउफ रिसालदार स्कूल आए और मुझे जबरन निकालने लगे। इस पर स्कूल के सभी बच्चे मेरे पक्ष में नारेबाजी करने लगे। जबकि मुझे अंजुमन कमेटी सदर मो. युनुस शेख ने लेटर जारी कर प्राचार्य पद पर कार्यरत रहने के लिए कहा है।

-मो. साबिर पानवाला, प्राचार्य, हिंदी मीडियम स्कूल

जबरन स्कूल से निकाल रहे

प्राचार्य साबिर पानवाला पर भ्रष्टाचार का झूठा आरोप लगाया गया है। सोमवार को मो. हुसैन रिसालदार, बाबू बुलगड़ी, मो. रउफ रिसालदार सहित कुछ लोग स्कूल में आए और साबिर सर को बोले कि तुम्हें प्राचार्य पद से कार्यमुक्त किया गया है। तुम कुर्सी छोड़ो। इस बात पर स्कूली बच्चे आक्रोशित हुए और साबिर सर जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। सूचना पर पुलिस आई फिर दोनों पक्षों को थाने ले गई।

सौरभ दुबे, प्राचार्य, इंग्लिश मीडियम

डेढ़ करोड़ का गबन किया है प्राचार्य ने

मदरसा अनवारूल उलूम हायर सेकंडरी स्कूल प्राचार्य साबिर हुसैन पानवाला भ्रष्ट है, उसने डेढ़ करोड़ रुपए का का गबन किया है और शासन से मिलने वाली अनुदान की राशि भी हजम की है। इसके साथ ही अलग-अलग स्कूलों के नाम से रजिस्ट्रेशन भी कराया है। भ्रष्टाचार को लेकर हमारी कमेटी की बैठक में साबिर पानवाला को प्राचार्य पद से कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया था। इसे लेकर उन्हें पत्र भी जारी कर दिया था, लेकिन वह बाहर गए थे। सोमवार को हम स्कूल गए तो वे बोले कि मेरे पास कोई लेटर नहीं आया है और बच्चों की छुट्टी कर दी।

- मो. हुसैन रिसालदार, सचिव, अंजुमन-ए-इस्लाम कमेटी मंदसौर

नारेबाजी के वीडियो की करेंगे जांच

सुबह सूचना मिली थी कि खानपुरा स्थित अंजुमन इस्लाम मदरसा में सचिव और प्राचार्य के बीच विवाद की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस वहां पहुंची थी। मदरसा स्कूल मेें बच्चों द्वारा की गई नारेबाजी के वीडियो देख रहे हैं। कुछ संगठनों ने आवेदन भी दिया है, उसकी भी जांच कर रहे हैं कि बच्चे क्या नारे लगा रहे थे। सुबह विवाद के बाद दोनों पक्षों को यहां बुलाया था। दस्तावेजों की जांच करने के बाद उन्हें कलेक्टर के पास पहुुंचाया है। -नरेंद्रसिंह सोलंकी, सीएसपी

Posted By: Hemant Upadhyay

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